स्किन की नेचुरल हीलिंग और बैरियर को बनाए रखने में मदद कर सकता है ब्रेक
दिलीप कुमार पुरोहित. नई दिल्ली
आज के समय में त्वचा की देखभाल के नाम पर लोग क्लींजर, फेस वॉश, सीरम, मॉइस्चराइजर, मेकअप और कई तरह के कॉस्मेटिक उत्पादों का नियमित इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए हमेशा ज्यादा उत्पादों का इस्तेमाल जरूरी नहीं होता। समय-समय पर त्वचा को अनावश्यक कॉस्मेटिक उत्पादों से ब्रेक देना भी उपयोगी हो सकता है। इसी विचार को “नो प्रोडक्ट डे” के रूप में देखा जा रहा है।
इसका मतलब यह नहीं है कि त्वचा की सफाई या सुरक्षा पूरी तरह छोड़ दी जाए, बल्कि जरूरत से ज्यादा कॉस्मेटिक और एक्टिव प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कम करके त्वचा को आराम दिया जाए। विशेषज्ञों की सामान्य सलाह भी यही है कि स्किन केयर रूटीन सरल और त्वचा की जरूरत के अनुसार होना चाहिए।
क्या है नो प्रोडक्ट डे?
नो प्रोडक्ट डे में एक दिन के लिए मेकअप, अनावश्यक सीरम, स्क्रब, एक्सफोलिएटर और दूसरे गैर-जरूरी कॉस्मेटिक उत्पादों से दूरी बनाई जा सकती है। हालांकि, धूप से बचाव और त्वचा की जरूरत के अनुसार जरूरी मॉइस्चराइजिंग जैसी बुनियादी देखभाल को पूरी तरह छोड़ना उचित नहीं है। त्वचा विशेषज्ञ भी सामान्य रूप से जेंटल क्लींजर, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन को बेसिक स्किन केयर का हिस्सा मानते हैं।
क्यों जरूरी हो सकता है ब्रेक?
लगातार कई तरह के उत्पाद लगाने से कुछ लोगों की त्वचा में जलन, रूखापन या संवेदनशीलता बढ़ सकती है। खासकर जब एक साथ कई एक्टिव इंग्रीडिएंट वाले उत्पाद इस्तेमाल किए जाएं। इसलिए कम और जरूरत के मुताबिक उत्पादों का इस्तेमाल त्वचा के लिए बेहतर हो सकता है।
नो प्रोडक्ट डे का एक फायदा यह भी है कि इससे व्यक्ति यह समझ सकता है कि उसकी त्वचा वास्तव में किन उत्पादों को आसानी से स्वीकार करती है और किनसे परेशानी हो सकती है। नए उत्पादों को एक साथ इस्तेमाल करने के बजाय धीरे-धीरे शामिल करने से किसी संभावित प्रतिक्रिया का कारण पहचानना भी आसान होता है।
त्वचा की जरूरत समझना जरूरी
हर व्यक्ति की त्वचा एक जैसी नहीं होती। किसी की त्वचा तैलीय, किसी की रूखी और किसी की संवेदनशील हो सकती है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति की स्किन केयर रूटीन को ज्यों का त्यों अपनाने के बजाय अपनी त्वचा की जरूरत को समझना बेहतर है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट्स की गाइडलाइन भी स्किन केयर को त्वचा के प्रकार और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार रखने पर जोर देती है।
सरल रूटीन पर दें जोर
स्किन केयर में महंगे या बहुत ज्यादा उत्पादों के बजाय नियमित और सरल रूटीन अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है। सामान्य तौर पर त्वचा को हल्के क्लींजर से साफ करना, जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाना और दिन में ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बुनियादी कदम माने जाते हैं। इसलिए “नो प्रोडक्ट डे” का संदेश ज्यादा उत्पादों को पूरी तरह छोड़ना नहीं, बल्कि त्वचा पर अनावश्यक प्रयोगों को कम करना और उसकी प्राकृतिक जरूरतों को समझना है। यदि किसी उत्पाद से लगातार जलन, खुजली, लालिमा या अन्य समस्या हो, तो उसका इस्तेमाल रोककर त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।


