स्वस्थ होकर खुले आसमान में लौटे परिंदे, आराध्यम् परिसर में दिखा भावुक नजारा
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
गज शुश्रुषा ट्रस्ट द्वारा संचालित आराध्यम् परिसर में उस समय भावुक और खुशी भरा माहौल बन गया, जब गज पक्षी चिकित्सालय में उपचार के बाद स्वस्थ हुए 20 पक्षियों को खुले आसमान में आज़ाद कर दिया गया। पिंजरों से निकलते ही पक्षियों ने आसमान की ओर उड़ान भरी तो परिसर में मौजूद नरेंद्र सुराणा, पायल, विवेक, रितु, मग सिंह, विक्रम सिंह, लक्ष्मण सिंह, सांग सिंह, गायत्री देवी के चेहरों पर खुशी झलक उठी।
गज पक्षी चिकित्सालय में वर्तमान में करीब 300 पक्षी उपचाररत हैं। इनमें घायल, बीमार और विभिन्न परिस्थितियों में चिकित्सालय तक पहुंचे पक्षियों का विशेषज्ञों की देखरेख में उपचार और पुनर्वास किया जा रहा है। उपचार के बाद जब चिकित्सकीय टीम ने 20 पक्षियों को पूरी तरह स्वस्थ पाया तो उन्हें प्राकृतिक वातावरण में वापस छोड़ने का निर्णय लिया गया।
पक्षियों को खुले आसमान में उड़ते देखना अपने आप में एक अनूठा अनुभव रहा। कुछ ही क्षणों में ये परिंदे पंख फैलाकर आसमान की ओर बढ़ गए और देखते ही देखते परिसर की सीमा से दूर निकल गए। इस दृश्य ने यह संदेश भी दिया कि उचित उपचार और देखभाल के बाद घायल वन्यजीवों को फिर से उनके प्राकृतिक जीवन में लौटाना संभव है। गज शुश्रुषा ट्रस्ट की ओर से पक्षियों के संरक्षण, उपचार और पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चिकित्सालय में भर्ती अन्य पक्षियों के स्वस्थ होने का इंतजार भी जारी है, ताकि वे भी जल्द अपने प्राकृतिक आवास में लौट सकें।
20 पक्षियों की इस उड़ान ने आराध्यम् परिसर में एक दिन को यादगार बना दिया—जहां उपचार के बाद परिंदों ने पिंजरे नहीं, बल्कि खुले आसमान को अपना घर चुना।
