Explore

Search

Friday, October 2, 2026, 10:05 am

Friday, October 2, 2026, 10:05 am

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

12 प्रार्थना जीवन में उतारें : तीसरी प्रार्थना — सुनना : सुनना हृदय से जुड़ने की कला है

सुनना रिश्तों में विश्वास बढ़ाता है, गलतफहमियां दूर करता है और मन को शांत बनाता है।

राइजिंग भास्कर डेस्क. जोधपुर

सुनना केवल कानों का काम नहीं, बल्कि हृदय से जुड़ने की कला है। जब हम किसी को ध्यान से सुनते हैं, तो उसे सम्मान, अपनापन और अपनी बात कहने का अवसर देते हैं। अच्छी तरह सुनने वाला व्यक्ति जल्दबाजी में निर्णय नहीं करता, बल्कि सामने वाले की भावनाओं और परिस्थितियों को समझने का प्रयास करता है। कई बार किसी परेशान व्यक्ति को समाधान से अधिक जरूरत होती है कि कोई उसे धैर्यपूर्वक सुन ले। इसलिए बीच में टोके बिना, पूर्वाग्रह छोड़कर और पूरे मन से सुनें। सुनना रिश्तों में विश्वास बढ़ाता है, गलतफहमियां दूर करता है और मन को शांत बनाता है। यही सच्ची प्रार्थना है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor