मादासर रिजर्वायर में पानी संचित होने के बाद भी इंतजार, तीसरे चरण से बढ़ेगी आपूर्ति की उम्मीद
जोधपुर। शहर में पेयजल की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त पानी की आपूर्ति की योजना पर काम चल रहा है, लेकिन इसका लाभ मिलने में अभी समय लगेगा। मादासर रिजर्वायर में पानी संचित होने के बावजूद जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाने की चुनौती बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अगले महीने इंदिरा गांधी नहर से करीब 100 क्यूसेक अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद भी शहरवासियों को नियमित जलापूर्ति के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
तीसरे चरण से बढ़ेगी पानी की उपलब्धता
जलापूर्ति योजना के तीसरे चरण के तहत जोधपुर तक अतिरिक्त पानी पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पाइपलाइन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। परियोजना की लागत करीब 1,799 करोड़ रुपये बताई गई है। योजना का उद्देश्य शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करना और भविष्य में बढ़ती मांग के अनुरूप आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना है।
8 एमएलडी अतिरिक्त पानी की व्यवस्था
शहर में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगभग 8 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि, अतिरिक्त पानी की उपलब्धता और नियमित वितरण के बीच तालमेल बनाना जरूरी होगा। पानी मिलने के बावजूद यदि वितरण व्यवस्था में बाधाएं आती हैं तो आमजन को राहत मिलने में देरी हो सकती है।
शटडाउन से बढ़ सकती है परेशानी
जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव और पाइपलाइन संबंधी कार्यों के कारण समय-समय पर शटडाउन की स्थिति बनती है। ऐसी परिस्थितियों में लोगों को निर्धारित समय पर पानी नहीं मिल पाता। अतिरिक्त पानी की आपूर्ति शुरू होने के बाद भी शटडाउन और वितरण संबंधी समस्याओं का समाधान जरूरी रहेगा।
दिसंबर से बेहतर आपूर्ति की उम्मीद
आगामी महीनों में अतिरिक्त पानी उपलब्ध होने से जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। योजना के अगले चरणों में आपूर्ति बढ़ाकर शहर और आसपास के क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने का लक्ष्य है। रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य में करीब 350 एमएलडी पानी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जाना है।
बड़ा सवाल यह है कि अतिरिक्त पानी आने के बाद भी क्या जोधपुरवासियों को नियमित जलापूर्ति मिल पाएगी? इसके लिए केवल पानी की उपलब्धता बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पाइपलाइन, वितरण तंत्र और शटडाउन प्रबंधन को भी प्रभावी बनाना होगा। आमजन को वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब योजनाओं का लाभ समय पर घरों तक पहुंचेगा।
