कविताएं : अनिल भारद्वाज
होली और विश्व कविता दिवस के मौके पर वरिष्ठ कवि अनिल भारद्वाज की कलम से निकली दो रचनाएं पाठकों के लिए पेश हैं- मेरे सरताज ना आएंगे होली में सब रंग आएंगे, प्यासे तीर उमड़ आएंगे, पर ए रंगों की बरसात, मेरे सरताज ना आएंगे। सपनों में रंग डाला तुमको प्यासी अंखियों के काजल से, … Read more