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Sunday, July 12, 2026, 10:45 pm

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विधिक जागरूकता कार्यक्रम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में बुलडोज़र कार्रवाई पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में विधिक जागरूकता को बढ़ावा देना, संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करना तथा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में बुलडोज़र कार्रवाई जैसे समसामयिक विषयों के संवैधानिक, विधिक एवं मानवाधिकार संबंधी पहलुओं पर सार्थक विमर्श करना था।

राइजिंग भास्कर. जोधपुर

एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (एपीसीआर) राजस्थान चैप्टर, जोधपुर यूनिट द्वारा रविवार, 12 जुलाई 2026 को किसान भवन, पावटा सर्किल, जोधपुर में ‘‘समान नागरिक संहिता (यूसीसी) एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में बुलडोज़र कार्रवाई‘‘ विषय पर एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में विधिक जागरूकता को बढ़ावा देना, संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करना तथा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में बुलडोज़र कार्रवाई जैसे समसामयिक विषयों के संवैधानिक, विधिक एवं मानवाधिकार संबंधी पहलुओं पर सार्थक विमर्श करना था।

मुख्य वक्ता मुजम्मिल रिज़वी (प्रदेश महासचिव, एपीसीआर राजस्थान चैप्टर) ने समान नागरिक संहिता के संवैधानिक, विधिक एवं सामाजिक आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी विधायी पहल का मूल्यांकन संविधान में निहित समानता, न्याय, धर्मनिरपेक्षता तथा मौलिक अधिकारों के आलोक में किया जाना चाहिए।

विशिष्ट वक्ता एडवोकेट मुनाज़िर इस्लाम (प्रदेश सह सचिव, एपीसीआर राजस्थान चैप्टर) ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुलडोज़र कार्रवाई से जुड़े कानूनी पहलुओं, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों, विधिसम्मत प्रक्रिया (डियू प्रोसेस ऑफ लॉ) तथा नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कानून का शासन (रूल ऑफ लॉ) लोकतंत्र की आधारशिला है तथा प्रत्येक प्रशासनिक कार्रवाई विधि के अनुरूप, पारदर्शी एवं न्यायसंगत होनी चाहिए।

कार्यक्रम में अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों, बुद्धिजीवियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने विषय से जुड़े विभिन्न कानूनी एवं संवैधानिक प्रश्न पूछे, जिनका वक्ताओं ने विस्तार से उत्तर देते हुए आवश्यक विधिक जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 19 जुलाई 2026 (रविवार) को जोधपुर में एक लीगल वर्कशॉप आयोजित की जायेगी। कार्यशाला के सफल आयोजन एवं समन्वय के लिए 13 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन किया गया।

बैठक में निसार अहमद (सेवानिवृत्त आरएएस) को विभिन्न समाजों एवं संबंधित प्रतिनिधियों से संपर्क एवं समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, कार्यशाला के समग्र संचालन एवं समन्वय हेतु साजिद खान जोधाणा को कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी वक्ताओं, अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी जनहित, विधिक जागरूकता एवं संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम में मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी चैयरपर्सन मोहम्मद अतीक, शिक्षाविद् सदाकतउल्लाह खान, मोहम्मद रमजान, इकबाल अली रंगरेज, प्रोफेसर अब्दुल हई, शहर खतीब तैयब अंसारी, मोहम्मद निशार, शकील अहमद, अब्दुल रहीम सांखला, सनवर कुरेशी, मोहम्मद जाकिर, एडवोकेट मोहम्मद अतीक, एडवोकेट अब्दुल खालिद सहित अनेक प्रबुद्धजनों ने अपनी बात रखी।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor