देवेंद्र सोमानी का स्व. रेखा सोमानी के नाम पत्र…स्मृतियों में जी रहा हूं क्योंकि जिम्मेदारियां हैं और अब तुम्हारे ख्वाब भी पूरे करने हैं…
प्रिय रेखा, तुम्हारे बिना यह पहला सावन है… तुम्हारे बिना यह पहला दीपक जला है… और तुम्हारे बिना, यह पहला सपना पूरा होने चला है। मैं जानता हूं तुम सुन रही हो। शायद देख भी रही हो। हो सकता है कि तुम्हारे स्वर्गलोक की किसी खिड़की से नीचे झांक रही हो, जहां कुछ बच्चियां किताबें … Read more