बगत बेबगत/आपरै ही मतै/आयन ढूकी कविता…
दिलीप कुमार पुरोहित. बीकानेर कविता का इतिहास मानव सभ्यता जितना ही पुराना है। जो अपने प्रारम्भिक दौर में मौखिक परम्पराओं, गीतों और मंत्रों से सृजित हुआ। हजारों साल पहले भारतीय ज्ञान परम्परा में वेद को कविता का ही रूप माना गया है। समय के साथ कविता ने समकालीन दौर तक आते-आते अपने रूप-स्वरूप में अनेक … Read more