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Sunday, August 23, 2026, 11:30 am

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भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस पर रक्तदान शिविर 23 को

वंदे भारत सेवा संस्थान ने तैयारियां शुरू की, युवाओं में उत्साह 

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

वंदे भारत सेवा संस्थान की ओर से देश के वीर सपूतों की याद में 23 मार्च को शहीद स्मारक परिसर में एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर देशभक्ति और सेवा भाव को समर्पित है, जिसमें आमजन से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है। आयोजन का उद्देश्य महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के 95वें बलिदान दिवस को सार्थक रूप से मनाना है।

आयोजन के पोस्टर के अनुसार, रक्तदान शिविर 23 मार्च 2026, सोमवार को शाम 4 बजे से आयोजित किया जाएगा। इसका स्थान शहीद स्मारक, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) मुख्य कार्यालय के पास निर्धारित किया गया है। संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि शहीदों के बलिदान को केवल याद करने तक सीमित न रखकर समाज के लिए उपयोगी कार्यों के माध्यम से उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए। रक्तदान एक ऐसा कार्य है, जो न केवल जरूरतमंदों की जान बचाता है, बल्कि समाज में मानवता और सेवा की भावना को भी मजबूत करता है।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद रहेगी, जो रक्तदाताओं की जांच कर सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह करेगी। आयोजकों ने युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस पुनीत कार्य में भाग लें और शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें। विशेष बात यह है कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को भी जागृत करते हैं। शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। उनके बलिदान की स्मृति में किया गया हर सामाजिक कार्य देश के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक होता है।

वंदे भारत सेवा संस्थान के सचिव नरेंद्र सिंह राठौड़ और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि रक्तदान शिविर को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस अवसर को सेवा और समर्पण के पर्व के रूप में मनाएं। इस आयोजन से न केवल जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलेगा, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी जाएगा कि शहीदों की विरासत को सेवा कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सकता है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor