बढ़ते रोग, तनाव और प्रदूषण के बीच मानव जाति से प्रकृति का संवाद; कहा— “मेरे नियमों से दूर जाओगे तो जीवन असंतुलित हो जाएगा”
“मैं प्रकृति हूं… तुमसे नाराज़ नहीं, सिर्फ चेतावनी दे रही हूं”…मेरे संकेत को समझो…जब तुम मेरे संकेत को समझकर भी अनसुना करते हो तब मुझे दंड का कदम उठाना पड़ता है…मेरे सात नियमों पर चलो, उसका अनुसरण करो, जीवन की राह आसान हो जाएगी…। दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 9783414079 diliprakhai@gmail.com “मैं प्रकृति हूं… वही प्रकृति … Read more