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Thursday, July 9, 2026, 4:40 am

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महाकुंभ पर HMPV वायरस का साया, 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान, क्या भारत सरकार तैयार है?

13 जनवरी से 26 फरवरी तक होगा महाकुंभ

डीके पुरोहित. नई दिल्ली

यू ट्यूबर, चैनल और अखबारों में फिर से चीन में फैले नए वायरस HMPV  की चर्चा है। बताया जा रहा है कि यह नया वायरस भी कोविड जैसा खतरनाक है और चीन में हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे कई वीडियो भी जारी हो रहे हैं जिसमें बच्चों को गोदी में लिए पैरेंट्स अस्पतालों में है। यही नहीं श्मशानों में लोग दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि चीन में काफी मौते हुई है। अभी आंकड़ा स्पष्ट नहीं है। मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग दावे हैं। वहीं चीनी सरकार इमरजेंसी जैसी स्थिति से इनकार कर रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत सहित दुनिया के देश इस नए वायरस को लेकर तैयार है? क्या पिछली बार की तरह इस बार भी नए वायरस को हल्के में लिया जा रहा है? देश में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। अनुमान है कि महाकुंभ में 40 से 45 करोड़ श्रद्धालु भाग लेने आएंगे। तो क्या भारत सरकार इतने बड़े आयोजन के लिए तैयार है? वो भी तब जबकि देश-दुनिया को कोरोना वायरस की त्रासदी झेले अधिक साल नहीं हुए हैं। इस शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी झेलने के बाद भी क्या हम वायरस को आस्था के चलते अनदेखा करेंगे। इस रिपोर्ट के बाद कुछ हिंदूवादी संगठन नाराज हो सकते हैं, मगर हमारे जेहन में यह सवाल होना ही चाहिए कि क्या 45 करोड़ लोगों के आयोजन वाले स्थल पर नए वायरस से बचाव के पूरे इंतजाम है?

क्या प्रधानमंत्री मोदी आने वाली परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं? 

राइजिंग भास्कर का देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तात्कालीक सवाल यही है कि क्या चीन में सक्रिय नए वायरस से निपटने के लिए देश तैयार है? क्या प्रयागराज का आयोजन ऐसे माहौल में हो सकता है? करोड़ाें लोगों की उपस्थिति से आस्था पर वायरस हावी हो सकता है? चार-पांच साल पीछे जाने की ही जरूरत है। हालात पूरी दुनिया में भयावह हो गए थे। लोग त्राहि माम त्राहिमाम कर रहे थे। कई जानें गई। दुनिया बड़ी मुश्किल से संभली थी। क्या वैसे हालात दुनिया में फिर से हुए तो महाकुंभ सवालिया निशान छोड़ जाएगा? इस समय महाकुंभ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। और लंबे समय से चल रही है। ऐसे में जबकि चीन में नया वायरस तेजी से फैल रहा है और देश-दुनिया की नजर फिर से चीन पर है तो प्रयागराज किस करवट रहेगा। फिलहाल हम तो सवाल ही उठा सकते हैं, क्योंकि यह लोक आस्था का महाकुंभ है। कलम से निकले कुछ शब्दों से हिंदूवादी संगठन नाराज हो सकते हैं। मगर हमारे सवाल अपनी जगह कायम है। क्योंकि WHO भी कह चुका है कि कोविड कभी खत्म नहीं होगा। वह रूप बदल कर हमला करता रहेगा। ऐसे में चीन में जो नया वायरस सक्रिय हुआ है उसको लेकर देश-दुनिया को पूरी तरह सतर्कता बरतनी होगी।

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor