“वर्षा की बूँदें टपकीं, पर नहीं डगमगाए नारी के कदम”
शिव वर्मा. जोधपुर
राष्ट्रीय सेविका समिति की सैकड़ों बहनों ने बुधवार को पारंपरिक पथ संचलन में भाग लिया। आयोजन की शुरुआत से ठीक पहले आसमान में बादल घिर आए और तेज़ बारिश ने माहौल को चुनौतीपूर्ण बना दिया। परंतु जिस दृढ़ निश्चय और अनुशासन की मिसाल यह संगठन देता है, उसे निभाने में सेविकाओं ने कोई कसर नहीं छोड़ी।
???? नारी शक्ति का संगठित रूप
बारिश के बीच भी सेविकाएँ पूर्ण गणवेश में, अनुशासित पंक्तियों में, हाथों में दंड लेकर, सिर ऊँचा किए कदमताल करती रहीं। “नारी शक्ति की यह अभिव्यक्ति समाज में जागरूकता, आत्मबल और संस्कृति की रक्षा” का प्रतीक बनी।
???? तस्वीरें बोलती हैं…
???? तस्वीर 1:
बारिश की बूंदों में अनुशासित पंक्ति में चलती सेविकाएँ – चेहरों पर आत्मविश्वास और कदमों में समरसता।
???? तस्वीर 2:
हाथों में घोष, एकरूप गणवेश – नारी एकता का सुंदर दृश्य।
???? तस्वीर 3:
वरिष्ठ सेविका और युवा सेविका एक पंक्ति में – पीढ़ियों के बीच संस्कार की निरंतरता।
???? तस्वीर 4:
बारिश में भी डटकर खड़ी सेविकाएँ – “हम थमेंगे नहीं” का जीता-जागता उदाहरण।
???? तस्वीर 5:
जनमानस में उत्सुकता – लोग छतों और गलियों से उत्साहपूर्वक कर रहे थे पथ संचलन का स्वागत।








