Explore

Search

Friday, May 1, 2026, 6:52 am

Friday, May 1, 2026, 6:52 am

LATEST NEWS
Lifestyle

शिवम् नाट्यालय का 56वां अरंगेत्रम सम्पन्न

शिव वर्मा. जोधपुर

शिवम् नाट्यालय का 56वां अरंगेत्रम पी जी महिला महाविद्यालय, ऑडिटोरियम प्रताप नगर में संपन्न हुआ। जिसमें जाह्नवी गर्ग ने अपनी गुरु के साथ घुंघरू पूजा कर घुंघरू ग्रहण किए।अपनी प्रथम प्रस्तुति पुष्पांजली ताल आदितालम में की। उसके बाद अलारिपु चतुरस्य एकम ताल में व जतिस्वरम राग हेमावती में प्रस्तुत किया। शब्दम में द्रोपदी चीर हरण पर कृष्ण लीला का भावपूर्ण अभिनय पेश किया। चिदंबरम की कविता “नल्ला शगुनम” पर आधारित वर्णम राग मालिका में एवम् पराशक्ति जननी द्वारा पदम की बारीकियों को व दुर्गा के श्रृंगार रस,वियोग रस,वीर रस और रौद्र रस को आदितालम में दिखाकर सबको भावविभोर कर दिया। राग बहाग में तिल्लाना प्रस्तुत कर खूब तालियां बटौरी। अंत में मंगलम प्रस्तुत कर शिष्या ने अपने गुरु एवम् दर्शकों को धन्यवाद कर आशीर्वाद लिया।गुरु डॉ.मंजूषा चंद्रभूषण ने शिष्या को भारतीय संस्कृति एवम् भरतनाट्यम गुरु शिष्य परंपरा को निभाने हेतु शपथ ग्रहण करवाई।साथ ही उन्हें अरंगेत्रम की डिग्री प्रदान की। डॉ.मंजूषा ने अरंगेत्रम के महत्व को समझाते हुए बताया कि 2000 ईसा पूर्व भरतनाट्यम का इतिहास है और तब से अरंगेतरम की प्रथा चली आ रही है। पहले के समय में बालिकाओं को गुरुकुल में छोड़ा जाता था और वह अपनी नृत्य साधना पूरी कर राजा महाराजाओं के समक्ष गुरुओं के समक्ष अपने नृत्य की प्रस्तुति देती थी, इस प्रथा को आज भी उतनी ही श्रद्धा पूर्वक मनाया जाता है।यह गुरु शिष्य परंपरा का अनूठा उदाहरण है। उनकी संस्था विगत 26 वर्षों से जोधपुर में भरतनाट्यम के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मंजू वर्मा, पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी डिंपल कंवर जी, पड़े पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी रातानाडा श्रीमती भावना, पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी गड़ा श्री आईदान पुरी जी, प्रधानाचार्य ओंकारमल सोमानी कॉलेज श्री अश्विनी शाह जी, सरपंच जाटी भादू बालेसर श्री ओमाराम राम जी, जोधपुर उपस्थित थे। श्रीमती मंजू वर्मा ने बालिका को आशीर्वाद देते हुए उसके सुनहरे भविष्य की शुभकामनाएं दी।डिंपल कवंर जी तथा श्रीमती भावना जी ने शिवम नाट्यालय की इस पहल को सराहा और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में जोधपुर राजस्थान में भरतनाट्यम के लिए जाना जाएगा। श्री आईदान पुरी जी ने कहा की किसी ख्याति प्राप्त संस्था से अरंगेतरम करना मायने रखता है,यह डिग्री देश में ही नहीं विदेशों में भी महत्वपूर्ण है। श्री ओमाराम जी गुरु शिष्य की इस परंपरा को सराहा और नाट्यालय की शिष्यायों को भविष्य में इसी तरह से भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने की सलाह दी साथ ही जाह्नवी को और उसके माता-पिता को बधाई देते हुए भविष्य की शुभकामनाएं दी, साथ ही भारतीय संस्कृति की इस धरोहर को बचाए रखने और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए संस्था की सराहना की। शिष्या की माता श्रीमती हेमा शर्मा एवम् पिता श्री चंद्रशेखर गर्ग जी ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार प्रकट कर गुरु को सम्मान देते हुए धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम में मंच संचालन संस्थान की सीनियर छात्राएं सुरभि सोनी एवम् एंजल बोहरा द्वारा किया गया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor