???? फोटो स्टोरी : राखी पुरोहित. जोधपुर
????स्थान: [अजित कॉलोनी]
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तेज़ धूप, तपती ज़मीन और 45 डिग्री तक चढ़ता तापमान… इंसान ही नहीं, बेज़ुबान भी झुलस रहे हैं। ऐसे में एक श्वान (कुत्ता) पीने के पानी की कुंडी में उतरकर गर्मी से राहत पाने की जुगत में दिखा।
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???? तस्वीर में साफ झलकता है — प्यास बुझाने आया यह मासूम, पानी में बैठकर राहत की सांस ले रहा है। गर्मी के कहर से बचने का इससे मार्मिक दृश्य शायद ही कोई और हो।
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कुंडी का ठंडा पानी इस समय सिर्फ प्यास बुझाने का नहीं, बल्कि जीवन और शांति का स्रोत बन गया है। श्वान की आंखों में राहत और शरीर में ठंडक की अनुभूति साफ झलक रही है।
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यह नज़ारा केवल तस्वीर नहीं, बल्कि प्रकृति की करुण पुकार है – जहाँ इंसान से उम्मीद की जाती है कि वह बेज़ुबानों के लिए भी थोड़ी सी छांव और पानी की व्यवस्था करें।
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“गर्मी सबको सताती है, पर बोल नहीं पाते वो…” – इस कहानी में एक संदेश छिपा है:
हर गली, हर मोहल्ले में एक पानी का बर्तन सिर्फ इंसान के लिए नहीं, बल्कि इन निरीह जीवों के लिए भी रखें।
???? इस भीषण गर्मी में श्वान की ‘जल शरण’ ने मानवता को आईना दिखाया है – आइए, हम भी संवेदनशील बनें।




