Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 7:26 am

Thursday, July 9, 2026, 7:26 am

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

बिलाड़ा का प्राचीन नाम बलिपुर

शिक्षाविद् बाबूलाल वैष्णव की लिखी पुस्तक ‘ बिलाड़ा दर्पण : अतीत से आज का विमोचन

सोहनलाल वैष्णव. बिलाड़ा-बोरुन्दा (जोधपुर)।

बिलाड़ा अति प्राचीन नगर है, जिसका संबंध सत्ययुग से है। इसका पुराना नाम बलिपुर अथवा बीलपुर नाम से विख्यात रहा है। पौराणिक कथाओं के आधार पर असुरराज दानवीर बलि का यहां शासन था। श्रुत मान्यता के अनुसार उसने यहां हजारों वर्ष राज किया। यह नगर वीणा नामक नदी के तट पर बसा रहने के कारण इसे वीणा तट नगर के नाम से भी जाना जाता था । दानवीर नृप बलि की ये समृद्धशाली राजस्थानी थी। बिलाड़ा से जुड़ी ये ऐतिहासिक जानकारियां लेखक व शिक्षाविद् बाबूलाल वैष्णव द्वारा लिखित पुस्तक ” बिलाड़ा दर्पण : अतीत से आज में समाहित है। साथ ही कई अन्य जानकारियां भी इस पुस्तक में है। पुस्तक का विमोचन सोमवार को एक विद्यालय बिलाड़ा में आयोजित समारोह में किया गया। जिसमें आई पंथ के धर्मगुरू दीवान माधवसिंह, स्थानीय विधायक अर्जुनलाल गर्ग, नगरपालिका अध्यक्ष रूपसिंह परिहार, रामद्वारा शाहपुरा जैतारण के संत भगतराम शास्त्री, संत हनुवंत किंकर महाराज पाली, जती महेंद्र महाराज, शिक्षाविद् भींयाराम बर्फा, देवीसिंह भींवराज, प्रदीप आचार्य, गोपीकिशन रावल, संचालन कृष्ण गोपाल शर्मा, कैलाश वैष्णव व व्याख्याता अमित वैष्णव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस पुस्तक में 307 पेज है, जिसमें कई विशिष्ट जानकारियां है। लेखक वैष्णव ने दस मतों में प्रचलित विभिन्न मतों, किंवदंतियों एवं दंत कथाओं का संक्षेप वर्णन किया है। पांचवें मत में उन्होंने बताया कि बिलाड़ा नगर में पुरानी स्टेट बैंक के पास बिरला माता का छोटा से स्थान है, जहां एक मंदिर बना हुआ है। उसके अनुसार इस नगर का नाम बिलाड़ा पड़ा । पुस्तक में नगर
स्थापना, नामकरण, भक्त प्रहलाद विरोचन व बलि कथा, आई माताजी का इतिहास, मारवाड़ के ढ़ाई घर, भौगोलिक स्थिति, जनप्रतिनिधि, सांस्कृतिक विरासत, दर्शनीय स्थल, प्रशासन, शिक्षा, गैर सरकारी संगठन, स्वर्णिम स्मृतियां, दिव्य विभूतियां, पर्यटक स्थल, सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं।
विमोचन के दौरान आई पंथ के धर्मगुरू दीवान माधवसिंह ने लेखक की प्रशंसा करते हुए कहा कि बाहर के व्यक्ति ने आकर बिलाड़ा का इतिहास लिखा, ये परंपरा सदियों से चली आ रही है। विधायक अर्जुनलाल गर्ग ने कहा की बिलाड़ा भामाशाहों व दानवीरों की नगरी है। उन्होंने कहा की साहित्य समाज का दर्पण है। संत भगतराम शास्त्री ने राजा बली की कहानी सुनाई। संत हनुवंत किंकर महाराज ने 8 विषयों में एम करने वाले लेखक बीएल को वैष्णव मुकुट मनी की उपाधि दी। आठ विषयों में एम ए अब तक पांच पुस्तक लिखने वाले शिक्षाविद बाबूलाल वैष्णव जैतारण का वैष्णव समाज के विभिन्न बंधुओ ने माला व साफा पहनकर अभिनंदन किया। इस दौरान वैष्णव समाज जैतारण पट्टी अध्यक्ष भीकमदास चावंडिया, संतोष दास रानीवाल, रामपाल मालपुरिया, श्रवण दास भागियाडा़, बिलाड़ा पट्टी अध्यक्ष हंसराज कुबावत, पूर्व अध्यक्ष गजानंद वैष्णव जेतिवास, चौखला मंडल अध्यक्ष सत्यनारायण पीपाड़, छंवर लाल वैष्णव पीपाड़, ओम प्रकाश वैष्णव बिलाड़ा, विजय रामावत जोधपुर, विनोद जैतारण सहित बिलाड़ा, पीपाड़, जैतारण व विभिन्न गांवों के वैष्णव समाज के बंधु उपस्थित रहे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor