कलेक्टर और संभागीय आयुक्त को राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, कहा- होमगार्ड डेप्लॉयमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (एचडीएमएस) पोर्टल से हमें निराशा हाथ लगी
राखी पुरोहित. जोधपुर
होमगार्ड डेप्लॉयमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (एचडीएमएस) पोर्टल होमगार्ड के लिए मददगार बनने की बजाय परेशानी का सबब बनता जा रहा है। ये मुद्दा होमगार्ड समन्वय विकास कल्याण परिषद राजस्थान के सदस्यों ने उठाया है। होमगार्ड का कहना है कि पोर्टल में रोटेशन के अनुसार ड्यूटी नहीं लगाई जा रही है, जिससे उन्हें फायदा होने की बजाय निराशा हाथ लगी है। इसलिए या तो उन्हें ड्यूटी के तीन ऑप्शन दिए जाए अन्यथा ऑफलाइन ड्यूटी ही लगाई जाए। शनिवार को होमगार्ड समन्वय विकास कल्याण परिषद राजस्थान के स्वयंसेवक सदस्य होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय होमगार्ड प्रशिक्षण केंद्र जोधपुर में उपस्थित हुए और अपना विरोध दर्ज कराया। होमगार्ड का कहना है कि विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालय में प्रतिमाह ड्यूटी के लिए नियोजन बढ़ते क्रम में रोटेशन प्रणाली के माध्यम से नहीं कर अपने चेहतो को बिना रोटेशन प्रणाली के माध्यम से ही ड्यूटी लगाई जा रही है। होमगार्ड के मुताबिक इसमें बल संख्या एक से लगाकर 3000 तक के सदस्य हैं, जिनको क्रमानुसार बढ़ते क्रम में ड्यूटी लगाई जानी चाहिए, लेकिन ड्यूटी की प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूर्ण रूप से अभाव रहा है, जिसको लेकर सबसे पहले कमांडेंट स्तर पर इस संबंध में बात की, लेकिन उन्होंने इससे पला झाड़ दिया। होमगार्ड का यह भी कहना है कि उन्हें छह माह ही रोजगार मिलता है जिसे बढ़ाकर 12 महीने नियमित किया जाए ताकि वे अपने परिवार का गुजारा आसानी से कर सकें।
200 विभाग में ड्यूटी लगाई जासकती है, लेकिन जानकारी 10-12 विभाग की दे रहे
होमगार्ड स्वयंसेवक सदस्यों ने बताया कि ऐसे अनेक विभाग हैं जिनकी हमें जानकारी इस पोर्टल के ऑनलाइन होने के बाद पता चली जो कि लगभग 200 के आसपास हैं, जिनमें ड्यूटी के लिए नियोजन किया जाता है। परंतु हमेशा हर महीने ड्यूटी की जानकारी लगभग 10 से 12 विभाग की ही दी जाती है, लेकिन इन विभागों में लंबे समय से लगे हुए होमगार्ड सदस्यों जो की उनको भी रोटेशन के माध्यम से ड्यूटी लगाई जानी चाहिए लेकिन उनको भी राेटेशन ड्यूटी की जगह परमानेंट ड्यूटी दी गई जो कि लंबे समय से एक ही विभाग में लगभग चार-पांच सालों से ड्यूटी कर रहे हैं। होमगार्ड परिवार कल्याण सदस्यों ने मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम संभागीय आयुक्त व कलेक्टर एवं होमगार्ड कमांडेंट को ज्ञापन देकर ऑनलाइन पोर्टल के जरिए लगाई जा रही ड्यूटियों को निरस्त कर पूर्व की भांति ऑफलाइन पद्धति से ड्यूटी लगाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि उन्हें कम से कम तीन जगह ड्यूटी करने के लिए ऑप्शन प्रदान किया जाए।
ऐसी व्यवस्था करें कि प्राइवेट जॉब भी कर सके :
होमगार्ड सदस्यों को नियमित ड्यूटी नहीं मिलती है, जिस कारण होमगार्ड सदस्य अपना प्राइवेट कार्य भी करते हैं, जिससे अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें। लेकिन इस पोर्टल के माध्यम से ड्यूटी मिलने पर धांधली हो रही है। मान लीजिए व्यक्ति मथानिया का रहने वाला है और उसकी ड्यूटी बोरानाडा, सालावास, बासनी, कुड़ी भगतासनी अथवा मेडिकल कॉलेज सहित अन्य जगहों पर लगा दी जाती है जिसे करने में वह असमर्थ है। ऐसे में उसकी जगह अन्य चहेतों की ड्यूटी लगा दी जाती है, जिसमें पारदर्शिता नहीं बरती जाती। ड्यूटी में धांधली और पारदर्शिता का अभाव के साथ-साथ भ्रष्टाचार का खेल भी चलता रहता है। इसलिए समस्त होमगार्ड सदस्यों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर इस पोर्टल के माध्यम से लगाई जा रही ड्यूटियों को रद्द कर पूर्व की बातें ऑफलाइन पद्धति से ड्यूटी लगाकर उसके पश्चात इस ऑनलाइन पोर्टल में अपलोड की जाने की मांग की। होमगार्ड सदस्य की मांगों का समय पर निवारण नहीं हुआ तो होमगार्ड आगे और भी कड़ा कदम उठाने के लिए प्रयासत रहेंगे, जिसका जवाबदेह शासन प्रशासन पर रहेगा। राजस्थान का ऐसा कोई भी विभाग नहीं है, जहां होमगार्ड स्वयंसेवक सदस्य का सहयोग प्रदान नहीं होता। हर विभाग में होमगार्ड स्वयंसेवक सदस्य अपनी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से ड्यूटी नियोजन के दौरान कार्य समता का परिचय देते हैं। जोधपुर के लगभग 200 से अधिक विभागों में होमगार्ड स्वयंसेवक सदस्य हैं। अगर इस पोर्टल भीम के माध्यम से लगाई जा रही ड्यूटियों का निवारण समय पर नहीं किया गया तो आने वाले समय पर समस्त होमगार्ड सदस्य ड्यूटी कार्य का बहिष्कार करेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो धरने और प्रदर्शन के लिए भी आगे आएंगे।
होमगार्ड सदस्यों की मांगों पर एक नजर-
होमगार्ड स्वयंसेवकों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जो ड्यूटी दी जा रही है उस पोर्टल ड्यूटी नियोजन प्रक्रिया को पूर्णता बंद कर ऑफलाइन पद्धति के अनुसार पूर्व की तरह दी जाए।
होमगार्ड को 12 महीने का नियमित रोजगार दिया जाए।
विभाग में मंत्रालय कर्मचारियों का स्थानांतरण नियम अनुसार 2 वर्ष के अंतराल में किया जाना आवश्यक है।
होमगार्ड सदस्यों को सेंट्रल जेल पर लगाए जाए तो 30 दिन ड्यूटी की जगह 26 दिन ही लिया जाता है, उनको 30 दिन किया जाए।
होमगार्ड को प्रतिमाह चार दिन का वेतन एक अवकाश रेस्ट प्रदान की जाए।
होमगार्ड स्वयंसेवक सदस्यों की मानदेय राशि 20% प्रतिवर्ष बढ़ाई जाए ।
होमगार्ड स्वयं सेवक सदस्यों के दुर्घटना के दौरान मृत्यु हो जाने पर दी जाने अनुग्रह को 20 लाख से बढ़कर 50 लाख रुपए किया जाए।
होमगार्ड चतुर्थ श्रेणी लॉन्ड्री एवं वाहन चालक अंशकालीन कुक और अन्य समस्त प्रकार के होमगार्ड की जो ड्यूटी नियोजित की जा रही है उन सभी का मानदेय एक समान किया जाए।
होमगार्ड सदस्यों को प्रतिमाह ड्यूटी के पश्चात मासिक वेतन भुगतान 5 महीने तक नहीं होता है उनको समय पर 10 तारीख से पहले प्रतिमाह किया जाए।
होमगार्ड सदस्यों को टीएडीए और पीएफ की सुविधा भी दी जाए।
होमगार्ड स्वयंसेवक सदस्यों के वार्षिक वर्दी जो 5 वर्ष में दिया जाता है उसको प्रतिवर्ष दिया जाए।
विभाग में मंत्रालय कर्मचारियों का स्थानांतरण नियम अनुसार 2 वर्ष के अंतराल में किया जाना आवश्यक है।
जो व्यक्ति प्राइवेट कार्य करता है उसको अगर रात्रि की ड्यूटी नहीं मिलती है तो उसका रोजगार भी छिन जाता है जिससे उसकी आर्थिक स्थिति पर भी प्रभाव पड़ता है उसका भी निवारण करें।
जो व्यक्ति विभिन्न विभागों में नियोजित है और उनको संबंधित विभाग के द्वारा लिख के लेकर आते हैं उनको भी ड्यूटी रोटेशन पद्धति के माध्यम से ही दी जाए। उन सब विभागों में चतुर्थ श्रेणी के अलावा सभी की ड्यूटी को उप महानिदेशक स्तर से एक आदेश जारी करवा कर निरस्त किया जाए।
इसके साथ ही साथ होमगार्ड जवान जो लगातार एक ही विभाग में चार-चार साल से लगातार दो-दो साल से लगता और लंबे समय से लगातार ड्यूटी कर रहे हैं उन सबको भी रोटेशन पद्धति के माध्यम से ही ड्यूटी लगाई जाए अथवा उनका डिस्चार्ज या अन्य विभाग के माध्यम से अपील की जाए, जिसमें मुख्य लोकायुक्त एवं मानव अधिकार आयोग में अपील करने का प्रस्ताव भी लिया जाएगा।
नियमत ड्यूटी नहीं मिलती इसके चलते मजबूरी में दूसरी जॉब या काम धंधा करना पड़ता है ( टेक्सी भी चलाते है मजदूरी भी करते हैं ) मगर मनमानी से ऑनलाइन ड्यूटी लगा देते हैँ जिससे परेशानी होती है।







