दिलीप कुमार पुरोहित. जैसलमेर
जैसलमेर में बिजली की अनियमित आपूर्ति एक गंभीर समस्या बन चुकी है। शहरवासियों का कहना है कि कब बिजली गुल हो जाए, कहा नहीं जा सकता। रोजाना घंटों तक बिजली कटौती होती है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात यह हैं कि रात के समय पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे लोगों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।
सबसे चिंताजनक स्थिति शहर की सड़कों पर देखने को मिल रही है। जगह-जगह स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, और जहां हैं भी, वहां बिजली नहीं होने से वे जलती ही नहीं। इससे रात के समय राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थिति से तंग आकर अब स्थानीय नागरिकों ने आंदोलन का निर्णय लिया है। शहर की विभिन्न कॉलोनियों और व्यापारिक संगठनों ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आगामी सप्ताह तक बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ और स्ट्रीट लाइटें चालू नहीं की गईं, तो वे सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
नगर परिषद और विद्युत विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। अब जनता ने ठान लिया है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब प्रशासन पर दबाव है कि वह जल्द कोई कदम उठाए अन्यथा जन आक्रोश बढ़ सकता है।



