(राइजिंग भास्कर की एडिटर इन चीफ राखी पुरोहित)
दिल्ली से लौटकर राइजिंग भास्कर के लिए राखी पुरोहित की विशेष रिपोर्ट
दिल्ली की चांदनी चौक की गलियों में पला-बढ़ा एक लड़का, जिसे लोग डीके मसीह के नाम से जानते हैं, इन दिनों चर्चा का विषय बन गया है। यह कोई आम लड़का नहीं था—उसकी आँखों में वैज्ञानिक बनने का सपना था, लेकिन किस्मत ने उसका साथ बचपन में ही छोड़ दिया। माता-पिता की मृत्यु उसके बचपन में ही हो गई और जब वह केवल 10 साल का था, तब उसके दादा भी चल बसे।
डीके मसीह की कहानी किसी फ़िल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। अनाथ हो जाने के बाद वह दिल्ली की गलियों में चोरी-चकारी कर अपना जीवन गुजारने लगा। मगर फिर उसकी ज़िंदगी ने अचानक ऐसा मोड़ लिया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।
चमत्कारी मोबाइल की गूंज
करीब 20 दिन पहले डीके मसीह ने चांदनी चौक के एक बड़े कारोबारी से एक मोबाइल चुराया। लेकिन यह कोई साधारण मोबाइल नहीं था। मसीह ने जब उस मोबाइल में ईयरफोन लगाया और उसे कानों में लगाया, तो उसके रोंगटे खड़े हो गए। उसे अपने पिछले जन्म की आवाज़ें सुनाई देने लगीं। उसने महसूस किया कि वह पहले भी इस धरती पर रह चुका है—कहाँ, कब, किस रूप में, इसकी झलकें उस मोबाइल से आती थीं।
राज खुला, और दोस्तों ने छीना मोबाइल
जब उसने यह रहस्य अपने दोस्तों को बताया, तो वे भी उस मोबाइल को आज़माना चाहते थे। बात जल्दी ही पूरे मोहल्ले में फैल गई कि “मसीह के पास कोई जादुई मोबाइल है जो पूर्वजन्म की यादें सुनाता है।” दोस्तों ने उस मोबाइल को छीनने की कोशिश की, लेकिन मसीह मोबाइल लेकर भाग गया।
यमुना में छलांग और रहस्य का अंत?
भागते-भागते मसीह पुराने पुल की तरफ पहुंच गया। भीड़ से बचने की कोशिश में हाथ से मोबाइल छूट गया और वह सीधे यमुना नदी में जा गिरा। मसीह ने एक पल की भी देरी नहीं की—वह मोबाइल के पीछे यमुना में कूद गया और तब से आज तक उसका कुछ पता नहीं चला।
न कोई एफआईआर, न कोई खोजबीन
यह घटना कोई 20 दिन पहले की बताई जा रही है, लेकिन न तो इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज की गई है और न ही किसी ने पुलिस में शिकायत की है। इलाके के कुछ बुजुर्गों का मानना है कि मसीह शायद डूब गया, लेकिन कुछ युवा आज भी मानते हैं कि वह मोबाइल को लेकर किसी और दुनिया में चला गया।
मोबाइल: तकनीक या तंत्र?
इस पूरे रहस्य में सबसे बड़ी पहेली है वह मोबाइल—क्या सच में ऐसा कोई डिवाइस था जो पिछले जन्म की आवाज़ें सुना सकता था? क्या यह कोई वैज्ञानिक प्रयोग था जो गलती से डीके मसीह के हाथ लग गया? या फिर यह किसी तांत्रिक तकनीक का हिस्सा था?
डीके मसीह जिंदा है या नहीं कोई नहीं जानता?
डीके मसीह की कहानी एक ऐसे लड़के की है जो विज्ञान से प्यार करता था, लेकिन हालात उसे अपराध की ओर ले गए। फिर उसकी ज़िंदगी में आया एक ऐसा डिवाइस जिसने विज्ञान और आध्यात्म की सीमाओं को तोड़ डाला। अब वह ज़िंदा है या नहीं—कोई नहीं जानता। मगर चांदनी चौक के कोनों में आज भी फुसफुसाहटें हैं, “कहीं डीके मसीह अब भी यमुना के नीचे पिछले जन्म की आवाजें सुन रहा हो…”




