शनिवार प्रात: सत्र में महामृत्युंजय मंत्रों के साथ एक करोड़ आहुतियां संपूर्ण हो चुकी हैं
भरत जोशी. जोधपुर
परमहंस स्वामी ईश्वरानंद गिरि महाराज द्वारा दईजर लाछा बासनी में स्थापित संवित धाम आश्रम में 12 जुलाई से लगातार अखंड रूप से एक माह तक चल रहे महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन की पूर्णाहुति रविवार 10 अगस्त को अपराह्न 12.25 बजे अभिजीत मुहूर्त में होगी। शनिवार प्रातः सत्र में महामृत्युंजय मंत्रों के साथ एक करोड़ आहुतियां संपूर्ण हो चुकी हैं। इसके साथ ही भगवान गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय सहित शिव परिवार, नंदीश्वर, सर्प देवता व अन्य देवताओं एवं दुर्गा सप्तशती के मंत्रों के साथ माता चामुंडा के निमित्त भी आहुतियां प्रदान की गईं। संत सरोवर सोमाश्रम के महंत स्वामी संवित सच्चिदानंद गिरि महाराज की अध्यक्षता ओर रानी उषा देवी के निर्देशन में जोधपुर शहर का पहला इतना दिव्य, भव्य और विस्तृत वैदिक हवन का आयोजन किया गया। कोटि रुद्र महामृत्युंजय हवन के आचार्य अग्निहोत्री पंडित नवरतन व्यास हैं।
संवित साधनायन संस्थान की अध्यक्षा रानी उषा देवी और सचिव भरत जोशी ने बताया कि रविवार को पूर्णाहुति हवन प्रातः 8 बजे प्रारंभ होगा। संकल्प, पीठादि पूजन, स्थापित देवता पूजन के साथ भगवान गणपति सहित सर्व देवताओं के साथ साथ, षोडश मातृका, सप्त मातृका व गुरु पूजन होगा। आघार आहुति, श्रीसूक्त से लक्ष्मीजी की आहुति, नवग्रह हवन, अधिदेवता हवन, पंचलोकपाल हवन, वास्तु हवन, क्षेत्रपाल हवन, दिकपाल हवन , गुरु हवन में श्रीगुरु नामावली के साथ आहुतियां प्रदान की जाएगी। प्रातः 9.30 बजे स्वामी ईश्वरानंद गिरि महाराज के श्रीविग्रह का पूजन, अभिषेक ओर अर्चना होगी। प्रातः 11 बजे से धार्मिक उपसंहार सभा होगी, जिसमें संत महात्माओं के प्रवचन होंगे। अपराह्न 12.15 बजे अभिजीत मुहूर्त में महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन की पूर्णाहुति होगी।
छोटे सरकार सहित अन्य संतगण आएंगे
संस्थान के संयुक्त सचिव शेखर थानवी व श्यामकिशन बोहरा ने बताया कि पूर्णाहुति में संत सरोवर माउंट आबू के मंहत स्वामी संवित सच्चिदानंद गिरि महाराज, स्वामी प्रपन्न गिरि महाराज, श्रीदादा दरबार खंडवा के पीठाधिपति छोटे सरकार, एकात्म धाम ओंकारेश्वर के रेजिडेंट आचार्य स्वामी भूमानंद सरस्वती महाराज, शिवबाड़ी बीकानेर के महंत स्वामी विमर्शानंद गिरि महाराज और महेश्वर मध्यप्रदेश से स्वामी समानंद गिरि महाराज सहित अन्य संत महात्मा उपस्थित रहेंगे।





