Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 1:11 am

Thursday, July 9, 2026, 1:11 am

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

दादा-दादी को बांधे रक्षा सूत्र…भोजन प्रसादी करवाई…संदेश : रिश्तों की डोर में बंधी मानवता

साहस चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा दी गई सेवाएं। ट्रस्ट की भामाशाह मीनाक्षी और ऋतु ने कहा कि भगवान ने हमें सक्षम बनाया है तो हम सेवा कार्य क्यों नहीं करें…सेवा ही मानव धर्म है… 

राखी पुरोहित. जोधपुर

8302316074 diliprkahai@gmail.com

हेल्थ वेल्थफेयर संस्थान द्वारा संचालित दादा-दादी वृद्धाश्रम में साहस चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा शनिवार को रक्षा बंधन के त्योहार के अवसर पर दादा-दादी को भोजन प्रसादी करवाई गई और उन्हें स्नेह का धागा यानी रक्षा सूत्र बांधे गए।

फाउंडेशन की प्रभारी ऋतु और मीनाक्षी आदि ने सेवा कार्य किया। उन्होंने दादा-दादी को कपड़े आदि भी भेंट किए। भामाशाह महिलाओं का कहना है कि हमारा काम समाज सेवा को समर्पित हैं। हम बुजुर्गों में भगवान की छवि देखते हैं और हम कोई अहसान नहीं कर रहे, बल्कि अपना मानव धर्म निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान ने हमें सक्षम बनाया है तो हमें हमारे समाज में सेवा कार्य अवश्य करना चाहिए। दादा-दादी आश्रम के संचालकों ने ट्रस्ट के सेवा कार्य के लिए आभार जताया।

हर धागे में प्यार, हर मोती में दुआ 

फाउंडेशन की प्रभारी मीनाक्षी व ऋतु ने बताया कि हर धागे में प्यार है। हर मोती में दुआ है। यही रिश्तों का सच्चा रंग हैं। अपने हाथों से, दिल के साथ…राखी जोड़े दिलों का साथ। प्यार, अपनापन और आशीर्वाद..सब कुछ राखी में पिरोया है। धागा छोटा सही, पर रिश्तों का बंधन अनंत हैं।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor