पर्चा बयान और बाद में दर्ज डाइंग डिक्लेयरेशन के बीच गंभीर विरोधाभास पाए गए थे, प्रतिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता उर्वशी कल्ला एवं जयंत जैन ने अदालत में तर्क दिया कि मृतका ने प्रारंभिक बयान में स्वयं आग लगाने की बात स्वीकारी थी, जबकि बाद में आरोप बदल दिए गए
राइजिंग भास्कर. जोधपुर
महिला की जलकर हुई मौत के संदिग्ध मामले में आरोपी को बरी कर दिया गया। हाईकोर्ट की डबल बेंच में अधिवक्ता उर्वशी कल्ला एवं जयंत जैन की प्रभावी पैरवी करते हुए मुल्जिम को बरी करवाया ।
राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बेंच (न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग एवं न्यायमूर्ति रवि चिरानिया) ने एक महत्वपूर्ण रिपोर्टेबल जजमेंट सुनाते हुए मुल्जिम को बरी किया। मामला एक संदिग्ध जलकर मृत्यु से जुड़ा था। इसमें दिए गए पर्चा बयान और बाद में दर्ज डाइंग डिक्लेयरेशन के बीच गंभीर विरोधाभास पाए गए थे।
प्रतिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता उर्वशी कल्ला एवं जयंत जैन ने अदालत में तर्क दिया कि मृतका ने प्रारंभिक बयान में स्वयं आग लगाने की बात स्वीकारी थी, जबकि बाद में आरोप बदल दिए गए। मृतका ने यह भी कहा था कि घटना के समय वह घर में अकेली थीं। डबल बेंच ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।




