– महापौर वनिता सेठ ने किया डिजिटलीकरण कार्य का शुभारंभ
– 6 महीने में पूरा डेटा होगा ऑनलाइन
– आमजन को मिलेगी बड़ी राहत
शिव वर्मा. जोधपुर
नगर निगम दक्षिण अब पुराने ढर्रे से आगे बढ़कर तकनीक की ओर बड़ा कदम उठा रहा है। नागरिकों को पारदर्शी सेवाएं और बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से नगर निगम ने अपने सभी रिकॉर्ड को डिजिटल फॉर्मेट में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को महापौर दक्षिण वनिता सेठ ने इस महत्वपूर्ण पहल की विधिवत रूप से शुरुआत की।
महापौर दक्षिण वनिता सेठ ने बताया कि दस्तावेजों के गुम होने, फर्जी दस्तावेजों जैसी समस्याओं से निपटने के लिए रिकॉर्ड को डिजिटल करने का निर्णय लिया है। महापौर दक्षिण वनिता सेठ ने बताया कि करीब 97 लाख रुपए का टैंडर दिया गया है और यह कार्य 6 महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस डिजिटलीकरण से न केवल कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि नागरिकों को नगर निगम के चक्कर भी कम लगाने पड़ेंगे। फाइलों तक पहुंच आसान होगी, प्रक्रिया तेज होगी और समय की भी बचत होगी। इस अवसर पर उपायुक्त ताराचंद वेंकट, उपायुक्त पुष्पा सिसोदिया, मुख्य अभियंता संपत मेघवाल, अधीक्षण अभियंता राहुल गुप्ता, एक्सईएन विमला प्रजापति, कार्यालय अधीक्षक सुबोधशंकर व्यास मौजूद रहे।
राज्य सरकार का भी फोकस “ई-गवर्नेंस” पर
नगरनिगम आयुक्त सिद्धार्थ पालानीचामी ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही निर्देश दे चुकी है कि सभी शासकीय कार्य अधिकतम ऑनलाइन माध्यम से निपटाए जाएं। इस दिशा में यह पहल एक मील का पत्थर साबित होगी। डिजिटलीकरण के बाद आवेदनों और शिकायतों का निस्तारण भी समयबद्ध ढंग से हो सकेगा।
फर्जी दस्तावेजो की एक क्लिक पर होगी पहचान
नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पालानीचामी ने बताया कि संपूर्ण रिकॉर्ड के डिजिटलाइजेशन होने के बाद फर्जी दस्तावेजों के चलन पर भी पूरी तरह से रोक लगाई जा सकेगी। यदि कोई भी व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन करता है तो केवल एक क्लिक से उस दस्तावेज की पहचान की जा सकेगी, साथ ही ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकेगी




