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Thursday, July 9, 2026, 6:14 am

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Lifestyle

नाचीज बीकानेरी का लिखा गीत

भूल कर भी सपनों में आना न कभी…

भूल कर भी सपनों में आना न कभी ।
प्यार के फरेब में बहलाना न कभी …
बेवफा तेरी बेवफाई का वो मन्ज़र याद है
प्यार की जूठी कस्मे खिलाना न कभी ।।
भूल कर भी सपनों में आना न कभी।

जिंदगी में फूलों सी महक रही है सदा ।
राह के काँटों से भी तोड़ा है ना दोस्ताना कभी
तमन्ना सदा रही है , खुशियों की सौगात दूँ
दिल में लगा के आग, नयनों से रिझाना ना कभी ।।
भूल कर भी सपनों में आना न कभी।

सब कुछ लुटा कर भी, कभी गमगीन ना हुआ ।
परछाई बन कर भी कभी, मेरे करीब आना ना कभी
मेरा गम तेरी ख़ुशी, ये तो कुदरत की बात है
सजधज कर अब ना मुझे , पगलाना ना कभी ।।
भूल कर भसी सपनों में आना न कभी।

तेरा तन- बदन मौजें ले रहा, यौवन में लड़खड़ाना ना कभी ।
दर्द दिया है जो तुमने, दवा बन मेरे करीब आना ना कभी
दर्द -ए- दिल का इलाज, अब तो होना है ना मुमकिन ।
” नाचीज़ ” को अपनी ज़िन्दगी में, ख्याल बसाने का लाना ना कभी ।।

मईनुदीन कोहरी “नाचीज़ बीकानेरी ” मो. 9680868028
मोहल्ला कोहरियान बीकानेर (राज.)

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor