राजस्थान ट्रेड यूनियन केंद्र ने बोनस भुगतान व समस्याओं के समाधान को लेकर श्रम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
राखी पुरोहित. जोधपुर
अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (AICTU) की राज्य इकाई राजस्थान ट्रेड यूनियन केन्द्र ने दीपावली से पूर्व असंगठित श्रमिकों को बोनस भुगतान, लंबित वेतन, ठेका प्रथा में व्याप्त शोषण एवं श्रम विभाग द्वारा लगातार की जा रही अनदेखी के विरोध में श्रम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
कॉमरेड गोपीकिशन के नेतृत्व में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों, अस्पतालों, निजी स्कूलों व प्रतिष्ठानों में कार्यरत सैकड़ों श्रमिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतिनिधि मंडल में कॉमरेड गोपीकिशन, कॉमरेज बृजकिशोर, कॉमरेड नदीम खान, दिलीप सिंह, राजाराम खारिया, वहीदुद्दीन, अशोक कुमार, हबीबुरर्हमान, रमेशनाथ, शेरसिंह, राजेंद्रसिंह सहित अनेक श्रमिक प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में कार्यरत असंगठित श्रमिकों के दोहरे शोषण पर चिंता व्यक्त करते हुए उसके लिए राज्य सरकार की सरमाएदारों की पक्षधर नीति को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक संस्थानों में बोनस अधिनियम 1965 के प्रावधानों का खुलकर उल्लंघन हो रहा है। श्रमिकों को उनके सर्विस की गारंटी, वेतन पर्ची नहीं मिलती और इसी की आड़ लेकर औद्योगिक संस्थानों के मालिक असंगठित श्रमिकों को बोनस भुगतान नहीं करते। उन्होंने श्रम विभाग पर कर्त्तवविमुख होने का आरोप लगाया और कहा कि श्रम निरीक्षक औद्योगिक संस्थानों का भौतिक निरीक्षण नहीं करते। जिस वजह से संस्थान में कार्यरत श्रमिक श्रम कानूनों के लाभ से वंचित है। इसके ऊपर वर्तमान में श्रमिक संबंधी विवादों का निस्तारण नहीं हो पा रहा। उन्होंने औद्योगिक प्रतिष्ठानों का श्रम विभाग द्वारा संयुक्त जांच दल बनाकर युद्ध स्तर पर तत्काल भौतिक निरीक्षण कर बोनस भुगतान करवाने और निरीक्ष्ण के दौरान औद्योगिक संस्थान के प्रबंधक जो दीपावली के मौके पर मात्र थाली-लोटा बांटकर बोनस भुगतान बता देते हैं, उनके खिलाफ फौजदारी मुकदमा चलाकर सख्त कार्रवाई करने तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को दीपावली त्योहार पूर्व बोनस भुगतान सुनिश्चित भुगतान करने की मांग पुन: दौहराई। इसके अतिरिक्त श्रमिक प्रतिनिधियों ने सरकारी, गैर सरकारी अस्पतालों के ठेका श्रमिकों को बोनस भुगतान सुनिश्चित करवाने तथा भवन निर्माण श्रमिकों को दीपावली पूर्व श्रम कल्याण मंडल द्वारा न्यूनतम बोनस भुगतान बोनस का भुगतान का लाभ दिए जाने की भी मांग की। क्षेत्रीय संयुक्त श्रम आयुक्त की गैर मौजूदगी में विभाग के अन्य श्रम अधिकारी ने प्रतिनिधि मंडल से श्रम आयुक्त के नाम ज्ञापन लिया और उन्हें उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।






