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Thursday, July 9, 2026, 3:04 pm

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Lifestyle

प्रदूषण मुक्त दिवाली…आइए इस दिवाली धुआं नहीं, चमक बिखेरें!

सिर्फ ग्रीन पटाखे ही खरीदें — जानिए असली और नकली की पहचान के 7 पक्के तरीके

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
9783414079 diliprakhai@gmail.com 

दिवाली की रौनक अब दस्तक दे चुकी है। लेकिन त्योहार की खुशियों के साथ हर साल बढ़ता धुआं और प्रदूषण अब लोगों की चिंता का कारण बन चुका है। इस बार सरकार और वैज्ञानिक संस्थाएं मिलकर लोगों से अपील कर रही हैं कि वे सिर्फ ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल करें — जो पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित हैं।

पर बड़ा सवाल यह है — बाज़ार में असली ग्रीन पटाखे पहचानें कैसे?
क्योंकि नकली और घटिया क्वालिटी वाले पटाखे भी अब “ग्रीन” के नाम पर खुलेआम बेचे जा रहे हैं। नीचे जानिए पहचान के 7 आसान और पक्के तरीके

1- QR कोड अनिवार्य

असली ग्रीन पटाखों पर QR कोड प्रिंट होता है। मोबाइल से स्कैन करने पर पटाखे की पूरी जानकारी — निर्माता, लाइसेंस और सर्टिफिकेशन — दिखती है।
अगर पैकेट पर सिर्फ “Green Crackers” लिखा है, QR कोड नहीं है — तो वह असली नहीं है।

2- CSIR-NEERI प्रमाण

ग्रीन पटाखे केवल CSIR-NEERI (Council of Scientific and Industrial Research – National Environmental Engineering Research Institute) द्वारा प्रमाणित फैक्ट्रियों में बनते हैं।
स्कैन करने पर यदि वेबसाइट लिंक न खुले या अजीब जानकारी दिखे, तो वह पटाखा नकली है।

3- कम प्रदूषण, अधिक सुरक्षा

सामान्य पटाखों की तुलना में ग्रीन पटाखे लगभग 30% कम प्रदूषण करते हैं। इनसे धुआं भी कम निकलता है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर असर नहीं पड़ता।

4- कम धुआं और आवाज़

इनमें खास रासायनिक मिश्रण डाला जाता है जिससे शोर और धुआं दोनों घट जाते हैं।
इस वजह से ग्रीन पटाखे पर्यावरण, पशु-पक्षियों और बच्चों के लिए कहीं ज्यादा सुरक्षित हैं।

5-सख्त सरकारी निगरानी

ग्रीन पटाखों के निर्माण और वितरण पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी रहती है।
अगर दुकानदार अनुमति या प्रमाणपत्र न दिखा सके, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है।

6-निर्माता की स्पष्ट जानकारी

असली ग्रीन पटाखों के पैकेट पर हमेशा निर्माता का नाम, पता और लाइसेंस नंबर साफ-साफ लिखा होता है।
अगर यह जानकारी धुंधली या अधूरी हो — समझिए मामला संदिग्ध है।

7- QR स्कैन रिपोर्ट जरूर देखें

सिर्फ QR कोड देखकर रुकिए नहीं — स्कैन रिपोर्ट पढ़ना ज़रूरी है।
रिपोर्ट में पटाखे का नाम, निर्माण तिथि और CSIR-NEERI का सर्टिफिकेट दिखे तो ही खरीदें।

ग्रीन पटाखों से प्रदूषण स्तर 25-30 प्रतिशत घटता है 

“अगर हर नागरिक सिर्फ ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करे, तो दिवाली के बाद का प्रदूषण स्तर 25 से 30 प्रतिशत तक घटाया जा सकता है।”
पर्यावरण विशेषज्ञ, CSIR-NEERI


क्या आप जानते हो ?

  • ग्रीन पटाखों का निर्माण भारत में केवल लाइसेंस प्राप्त फैक्ट्रियों में किया जा सकता है।

  • इन पटाखों में पोटैशियम नाइट्रेट और एल्युमिनियम की मात्रा कम होती है।

  • ग्रीन पटाखों की पहचान के लिए CSIR-NEERI ने आधिकारिक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है।

  • सामान्य पटाखों की तुलना में ग्रीन पटाखे 40% तक कम धुआं छोड़ते हैं।


अपने घर, समाज और देश को सचमुच रोशन कीजिए

इस दिवाली अपने घर, समाज और देश को सचमुच रोशन कीजिए —
धुएं से नहीं, जागरूकता और स्वच्छ हवा से।
याद रखें, एक छोटा-सा स्कैन आपकी और आने वाली पीढ़ियों की सांसों को सुरक्षित बना सकता है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor