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Thursday, July 9, 2026, 5:44 pm

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मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान: अगले 5 साल तक फ्री सैटेलाइट मोबाइल सेवा, साथ में 5 लाख तक का बीमा — हर उम्र वर्ग के लिए अलग योजना

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने देशभर के नागरिकों के लिए एक ऐसी योजना की घोषणा की है जो न केवल संचार के क्षेत्र को बदल देगी बल्कि आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा को भी नई दिशा देगी।

राही शुभम. मुंबई 

भारत की टेलीकॉम क्रांति में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने देशभर के नागरिकों के लिए एक ऐसी योजना की घोषणा की है जो न केवल संचार के क्षेत्र को बदल देगी बल्कि आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा को भी नई दिशा देगी।

अंबानी ने घोषणा की है कि उनकी कंपनी आगामी 5 वर्षों तक सैटेलाइट मोबाइल सेवा (Satellite Mobile Service) बिल्कुल मुफ्त देगी। यह योजना ग्रामीण, शहरी और सीमांत क्षेत्रों में समान रूप से लागू होगी ताकि देश के हर नागरिक तक संचार की पहुँच सुनिश्चित की जा सके।

लेकिन यह घोषणा केवल फ्री मोबाइल सेवा तक सीमित नहीं है — इसके साथ जुड़ा है एक ऐसा विशाल बीमा पैकेज, जो हर आयु वर्ग के लोगों को बेहद कम प्रीमियम में ₹5 लाख तक की सुरक्षा कवच प्रदान करेगा।


हर उम्र के लिए विशेष बीमा योजना

अंबानी के इस नए ‘सैटेलाइट सेवा एवं बीमा योजना’ पैकेज में उम्र के अनुसार अलग-अलग दरें तय की गई हैं, जिससे हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार बीमा लाभ प्राप्त कर सके।

उम्र वर्ग वार्षिक प्रीमियम (₹) बीमा कवरेज (₹) बीमा प्रकार
0–10 वर्ष 10 5 लाख हृदय रोग बीमा
11–20 वर्ष 100 5 लाख हृदय रोग बीमा
21–30 वर्ष 200 5 लाख हृदय रोग बीमा
31–40 वर्ष 300 5 लाख हृदय रोग बीमा
41–50 वर्ष 400 5 लाख हृदय रोग बीमा
51–60 वर्ष 500 5 लाख हृदय रोग बीमा
61–70 वर्ष 600 5 लाख हृदय रोग बीमा
0–80 वर्ष 10 1 वर्ष का एक्सीडेंटल बीमा सभी के लिए

इन बीमा योजनाओं को हर साल रिन्यू कराया जा सकेगा, और जो नागरिक लगातार 5 वर्षों तक यह प्रीमियम जमा करेंगे, उन्हें सैटेलाइट मोबाइल सेवा लगातार फ्री मिलती रहेगी।


1 लाख NGO, निजी बैंक और बीमा कंपनियाँ जुड़ेंगी

अंबानी ग्रुप ने इस मिशन को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए देशभर में 1 लाख गैर-सरकारी संगठनों (NGO), निजी बैंकों और प्रमुख बीमा कंपनियों से साझेदारी का फैसला किया है।

इन संस्थाओं की भूमिका बीमा वितरण, सैटेलाइट नेटवर्क रजिस्ट्रेशन और ग्रामीण इलाकों में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की होगी।
रिलायंस फाउंडेशन की ओर से बताया गया है कि “हमारा लक्ष्य केवल डिजिटल कनेक्टिविटी नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित करना है। हर परिवार को इंटरनेट के साथ-साथ बीमा सुरक्षा मिले, यही भारत के डिजिटल दशक का असली उद्देश्य है।”


5 साल मुफ्त सैटेलाइट मोबाइल सेवा — कैसे मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत सैटेलाइट आधारित मोबाइल सेवा देश के सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सीमांत इलाकों में उपलब्ध होगी।

  • हर पंजीकृत यूजर को पहले 5 साल तक का फ्री डेटा और कॉलिंग पैक मिलेगा।
  • बीमा प्रीमियम हर साल भरना होगा ताकि सेवा सक्रिय रहे।
  • ग्रामीण इलाकों में “जियो डिजिटल सेवा केंद्रों” के माध्यम से नामांकन कराया जाएगा।
  • सैटेलाइट मोबाइल सिम विशेष डिवाइस या सामान्य 4G/5G फोन में काम करेगी, क्योंकि इसके लिए एक “स्मार्ट सैटेलाइट मॉड्यूल” इंटीग्रेट किया गया है।

एलन मस्क और अडानी ग्रुप की चुनौती का जवाब

गौरतलब है कि इसी वर्ष जुलाई 2025 में अडानी ग्रुप ने एलन मस्क की Starlink कंपनी के साथ मिलकर भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की घोषणा की थी।
उस साझेदारी में अडानी ग्रुप ने एक वर्ष के लिए फ्री डेटा सेवा और ₹5 प्रति माह के एक्सीडेंटल बीमा की पेशकश की थी।

राइजिंग भास्कर डॉट कॉम ने जुलाई 2025 में अरविंद चोटिया के हवाले से यह खबर प्रकाशित की थी कि अडानी की यह साझेदारी ग्रामीण भारत में ‘सस्ता इंटरनेट, सुरक्षित परिवार’ अभियान के रूप में लागू होगी।

लेकिन तीन महीने बाद, अब मुकेश अंबानी ने अडानी और मस्क की इस घोषणा को सीधा जवाब देते हुए और भी व्यापक सामाजिक कवरेज वाली योजना पेश की है — जो न केवल डेटा और कॉलिंग फ्री देगी बल्कि पूरे भारत में स्वास्थ्य सुरक्षा का जाल बिछा देगी।


मुकेश अंबानी बोले: “भारत को अब डिजिटल सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा साथ चाहिए”

मुंबई में अंबानी ने कहा —

“हमने भारत को डिजिटल कनेक्टिविटी दी। अब हमारा लक्ष्य है उसे आर्थिक सुरक्षा देना। कोई भी भारतीय, चाहे वह बच्चा हो या वरिष्ठ नागरिक, दिल की बीमारी या किसी दुर्घटना की वजह से आर्थिक तंगी में न पड़े — यही इस योजना का उद्देश्य है।”

उन्होंने आगे कहा,

“हमने पाँच साल की मुफ्त सैटेलाइट सेवा इसलिए चुनी क्योंकि यह वो समय है जिसमें भारत का हर गांव, हर परिवार डिजिटल रूप से सक्षम बन सकता है। जो लोग बीमा का वार्षिक प्रीमियम भरते रहेंगे, उन्हें न सिर्फ सुरक्षा बल्कि मुफ्त संचार सुविधा भी मिलती रहेगी।”


योजना के तकनीकी पहलू: देश का पहला Indigenous Satellite Grid

इस सेवा के लिए रिलायंस जियो ने अपने ‘भारत कम्युनिकेशन ग्रिड (BCG)’ नामक स्वदेशी सैटेलाइट नेटवर्क का उपयोग किया है।
यह नेटवर्क 36 मिनी-सैटेलाइट्स के समूह से बना है, जो धरती के निचले कक्ष (Low Earth Orbit) में स्थापित किए गए हैं।
यह नेटवर्क 100% भारतीय नियंत्रण में रहेगा और डेटा सुरक्षा के लिए देश के अंदर ही सर्वर रखे जाएंगे।

रिलायंस जियो का दावा है कि इस तकनीक के माध्यम से भारत के सबसे दुर्गम क्षेत्रों — लद्दाख, अरुणाचल, अंडमान, रेगिस्तानी और सीमा क्षेत्रों में भी अब कॉल ड्रॉप या नेटवर्क की समस्या नहीं रहेगी।


स्वास्थ्य सुरक्षा और बीमा का नया मॉडल

बीमा कवरेज का सबसे खास पहलू यह है कि यह हृदय रोगों से संबंधित उपचार खर्चों को कवर करेगा।
भारत में हर साल लगभग 28 लाख लोगों की मृत्यु हृदय रोगों से होती है। ऐसे में मुकेश अंबानी की यह पहल स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी मानी जा रही है।

बीमा राशि के तहत हृदय सर्जरी, दवाइयाँ, चिकित्सकीय जांच और आपातकालीन सेवाएँ शामिल होंगी।
इसके अतिरिक्त, सभी उम्र वर्ग के लिए मात्र ₹10 वार्षिक प्रीमियम में एक्सीडेंटल बीमा भी दिया जाएगा, जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में व्यक्ति या उसके परिजन को आर्थिक सहायता मिल सके।


आर्थिक विश्लेषकों की राय

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना केवल एक ‘टेलीकॉम सर्विस’ नहीं बल्कि भारत की डिजिटल वेलफेयर इकोनॉमी की नींव है।
मार्केट विश्लेषक डॉ. जी के बढ़ानी का कहना है —

“अडानी-स्टारलिंक गठबंधन ने अंबानी को चुनौती दी थी, लेकिन रिलायंस का जवाब सामाजिक कल्याण के रूप में आया है। यह योजना अंबानी के कॉर्पोरेट समाजवाद का नया उदाहरण है।”


5 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार अवसर

कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के तहत 5 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर सैटेलाइट नेटवर्क, सर्विस सेंटर, बीमा वितरण और डिजिटल भुगतान सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
इससे न केवल ग्रामीण भारत में रोजगार बढ़ेगा बल्कि डिजिटल शिक्षा को भी बल मिलेगा।


‘डिजिटल भारत’ के लिए अंबानी का नया मंत्र

रिलायंस के इस मिशन का नारा है —

“हर हाथ में नेटवर्क, हर दिल में सुरक्षा।”

इसका उद्देश्य स्पष्ट है —

  • भारत को वैश्विक सैटेलाइट कम्युनिकेशन के मानचित्र पर अग्रणी बनाना।
  • हर परिवार को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना।
  • हृदय रोग और दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में आर्थिक संकट से बचाना।

फायदा: अंबानी बनाम अडानी — भारत जीतेगा

अडानी और अंबानी के बीच की यह प्रतिस्पर्धा अब केवल कॉर्पोरेट नहीं रही, बल्कि सामाजिक सेवा के क्षेत्र तक पहुँच चुकी है।
एक ओर अडानी-स्टारलिंक गठबंधन तकनीकी नवाचार पर केंद्रित है, वहीं दूसरी ओर अंबानी ने मानव सुरक्षा और समावेशिता को केंद्र में रखा है।

अगर यह योजना अपने घोषित स्वरूप में लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में भारत दुनिया का पहला देश बन सकता है जहां हर नागरिक के पास फ्री सैटेलाइट मोबाइल सेवा और हेल्थ बीमा दोनों होंगे।

मुकेश अंबानी का यह कदम न केवल “डिजिटल इंडिया” के मिशन को गति देगा बल्कि देश की सामाजिक अर्थव्यवस्था को नई पहचान भी देगा।

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor