Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 7:02 am

Thursday, July 9, 2026, 7:02 am

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

फ्री बिजली योजना के बहाने भजनलाल सरकार का अडाणी ग्रुप को 4 खरब 38 अरब से अधिक का बिजनेस देने का प्लान, राजस्थान की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा

एक अखबार ने आज एक खबर ब्रेक की है कि कांग्रेस सरकार में रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को ही मिलेगी 150 यूनिट फ्री बिजली। जबकि यह हैडिंग ही गलत है। क्योंकि भजनलाल सरकार ने फ्री बिजली की योजना में सोलर प्लांट की शर्त जोड़ दी है और इसके बाद भी फ्री बिजली ना देकर केवल सब्सिडी ही मिलेगी।

खैर यह तो हुई खबर की बात। असल खबर यह है कि भजनलाल सरकार ने सोलर प्लांट की शर्त क्यों जोड़ी? इसकी तह में जब राइजिंग भास्कर ने जाकर पड़ताल की तो तथ्य यह उभर कर आए कि इस योजना को लॉन्च करने के पीछे अडाणी ग्रुप को सीधे-सीधे खरबों रुपए का सोलर प्लांट के नाम पर बिजनेस देना है।

जयपुर से दिलीप कुमार पुरोहित की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

राजस्थान में भाजपा की भजनलाल सरकार ने अडाणी ग्रुप को सीधे-सीधे 4 खरब 38 अरब से अधिक बिजनेस देने का ऐसा प्लान तैयार किया है जिसके बाद जनता छली जाएगी और उसे बिजली का बिल करंट देता रहेगा। एक अखबार ने आज एक खबर ब्रेक की है कि कांग्रेस सरकार में रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को ही मिलेगी 150 यूनिट फ्री बिजली। जबकि यह हैडिंग ही गलत है। क्योंकि भजनलाल सरकार ने फ्री बिजली की योजना में सोलर प्लांट की शर्त जोड़ दी है और इसके बाद भी फ्री बिजली ना देकर सब्सिडी ही मिलेगी। खैर यह तो हुई खबर की बात। असल खबर यह है कि भजनलाल सरकार ने सोलर प्लांट की शर्त क्यों जोड़ी? इसके तह में जब राइजिंग भास्कर ने जाकर पड़ताल की तो तथ्य यह उभर कर आए कि इस योजना को लॉन्च करने के पीछे अडाणी ग्रुप को सीधे-सीधे खरबों रुपए का बिजनेस देना है। यानी एक शीर्ष औद्योगिक घराने को फायदा पहुंचाने के लिए राजस्थान में भजनलाल सरकार ने राजस्थान की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा करने का फैसला कर लिया और जनता को इस बात का अहसास तक नहीं होने दिया।

राजस्थान में अब कांग्रेस सरकार में रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को ही 150 यूनिट फ्री बिजली स्कीम का फायदा मिलेगा। इसमें भी प्रावधान यह किया गया है कि स्कीम में फ्री बिजली नहीं होगी, बल्कि 1.1 केवी का सोलर प्लांट लगाने के लिए मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना के लाभार्थियों को पीएम सूर्य घर योजना से जोड़ा जाएगा। इन्हें 17 हजार की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। पीएम सूर्य घर योजना में केंद्र पहले ही 33 हजार की सब्सिडी दे रहा है। ऐसे में दोनों को मिलाकर 50 हजार रुपए की सब्सिडी मिलेगी। प्रदेश में 1.04 करोड़ घरेलू उपभोक्ता कांग्रेस कार्यकाल में फ्री बिजली योजना के तहत रजिस्टर्ड हैं। वहीं मानसून में सोलर से बिजली नहीं मिलने पर उपभोक्ता को बिल चुकाना होगा।

भजनलाल सरकार ने फैलाया भ्रम : फ्री बिजली स्कीम खत्म ही कर दी

कुल मिलाकर सरकार भ्रमित कर रही है, क्योंकि 150 यूनिट फ्री बिजली की बजाय केवल अतिरिक्त सब्सिडी ही दी जाएगी। कांग्रेस राज में जिन घरेलू उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है, उन्हें कोई फायदा नहीं मिलेगा। जिन उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना में कांग्रेस राज में रजिस्ट्रेशन नहीं करवा रखा है, उन्हें केवल पीएम सूर्य घर योजना के तहत तय केंद्र की सब्सिडी ही दी जाएगी। अनरजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा पर वर्तमान दर 2.71 प्रति यूनिट से फीड इन टैरिफ के अतिरिक्त एक निशुल्क इंडक्शन कुक टॉप तथा प्रति माह 15 पैसे प्रति यूनिट की दर से प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान था, लेकिन यह मॉडल फिलहाल लागू नहीं होगा।

अडाणी ग्रुप के सोलर प्लांट का जानिए गणित :

राजस्थान सरकार की नई योजना को अडाणी ग्रुप को सीधे-सीधे फायदा पहुंचाने की योजनाबद्ध चाल बताया जा रहा है। इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा रहा है कि राजस्थान में अधिकतर लोगों ने अडाणी ग्रुप का सोलर प्लांट ही लगा रखा है। अब इस बात को पुख्ता करने के लिए अडाणी ग्रुप  के साेलर प्लांट लगाने की लागत और सब्सिडी का अवलोकन करते हैं-

लागत और सब्सिडी
  • 3 किलोवाट सिस्टम:
    • कुल अनुमानित लागत: लगभग ₹1 लाख 
    • सब्सिडी: सरकार सब्सिडी के तहत ₹78,000 तक की वित्तीय सहायता दे सकती है। 
    • आपका खर्च: सब्सिडी के बाद, आपको लगभग ₹22,000 का भुगतान करना होगा। 
  • अन्य क्षमताएं:
    • 2 किलोवाट सिस्टम: अनुमानित लागत ₹60,000 है, जिस पर ₹36,000 की सब्सिडी मिल सकती है, जिससे आपका खर्च लगभग ₹24,000 होगा। 
    • 3 किलोवाट से अधिक: ₹78,000 की अधिकतम निश्चित सब्सिडी उपलब्ध है। 
      राजस्थान में कुल घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 1.35 करोड़ है। इसमें 15 लाख उपभोक्ता 300 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करते हैं। अभी 27 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जो प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाने के पात्र हैं।   
  • योजना के तहत : 

    राजस्थान सरकार की 150 यूनिट मुफ्त सोलर पावर योजना के तहत, 27 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को अपनी छत पर 1.1 किलोवाट का सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी मिल रही है। 

  • पंजीकरण की स्थिति: 

    योजना के लॉन्च होने के बाद, 25,000 से अधिक उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है और पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। 

    कुल मिलाकर हमारे पास तथ्य यह है कि राजस्थान में 1.04 करोड़ घरेलू उपभोक्ता फ्री बिजली योजना के तहत कांग्रेस राज में रजिस्टर्ड है। 27 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को 1.1 किलोवाट का सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी मिल रही है। और 25 हजार उपभोक्ता पंजीकरण करवाने की प्रक्रिया में है और शेष यानी 48.04 लाख उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट लगवाना होगा तभी 150 यूनिट फ्री योजना का लाभ मिलेगा। यानी 73.04 लाख उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट लगाना होगा तभी 150 यूनिट फ्री बिजली का लाभ मिलेगा। अब हम गणना करें तो पाएंगे कि अडाणी ग्रुप का सोलर प्लांट 73.04 लाख उपभोक्ता लगाते हैं तो अडाणी ग्रुप को सीधे-सीधे इस योजना के तहत बहुत बड़ा फायदा होगा जो 4 खरब 38 अरब से भी अधिक होगा। यह तो अनुमानित गणित है, वास्तविक फायदा इससे भी अधिक होगा। इससे जाहिर है कि राजस्थान में भाजपा की भजनलाल सरकार ने अडाणी ग्रुप को 4 खरब 38 अरब से अधिक का बिजनेस देने के लिए राजस्थान में फ्री बिजली योजना का ऐसा प्रावधान किया है जिसमें सोलर प्लांट लगाना अनिवार्य किया गया है।

    जागो जनता जागो हक के लिए लड़ो :  सोलर प्लांट नहीं लगाया तो ना फ्री बिजली मिलेगी ना कोई सब्सिडी

    अब जनता को सीधे-सीधे तौर पर समझ लेना चाहिए कि भाजपा की भजनलाल सरकार ने राजस्थान में फ्री बिजली का प्रावधान एक तरफ से खत्म ही कर दिया है। पहली बात तो जनता को अगर सब्सिडी चाहिए तो सोलर प्लांट लगाना होगा। अगर सोलर प्लांट नहीं लगाते हैं तो बिजली का बिल करंट देता रहेगा। अभी भी राजस्थान में बिजली का बिल बढ़ा दिया गया है और आगे भी बिजली का बिल करंट मारता रहेगा। अशोक गहलोत सरकार ने जो फ्री बिजली स्कीम लागू की थी, भजनलाल सरकार ने बड़ी चालाकी से उसे खत्म ही कर दिया है।

    अगर सरकार की नीयत साफ : तो सोलर प्लांट लगाने की शर्त क्यों लगाई? 

    -युवा बोले- भजनलाल सरकार का अंत निकट

    जब राइजिंग भास्कर ने कुछ लोगों से बात की तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। बुजुर्ग दीनदयाल ने बताया कि अगर सरकार की नीयत साफ है तो सोलर प्लांट लगाने की शर्त क्यों जोड़ी। अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में जो रजिस्टर्ड उपभोक्ता है उन्हें फ्री बिजली क्यों नहीं दी जा रही। जिसे सोलर प्लांट लगाना है लगाए जो ना लगा सके उन्हें फ्री बिजली जारी रखें। इसी तरह जब युवा बिजनेसमैन राहुल को राइजिंग भास्कर ने भजनलाल सरकार का गणित समझाया तो वे गुस्से में बोले- मैं तो बिजनेसमैन हूं मगर भजनलाल सरकार तो मुझसे भी बड़ी बिजनेसमैन निकली। अब इस सरकार का अंत नजदीक है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor