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Thursday, July 9, 2026, 2:41 pm

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जोधपुर के वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के विस्तार के लिए 195 करोड़ रुपए और मंजूर

-रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव की जोधपुर को एक और सौगात
-रेलमंत्री द्वारा स्वीकृत राशि से डिपो के विस्तार के साथ अत्याधुनिक बहुद्देश्यीय वर्कशॉप और विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना का मार्ग भी प्रशस्त
-वंदे भारत स्लीपर सहित सेमी हाई स्पीड बेड़े की सभी ट्रेनों का जोधपुर में रखरखाव संभव
-यात्रियों को बेहतर गति के साथ मिलेगी आरामदायक सफर की सुविधा
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने जोधपुर में बन रहे वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के विस्तार वाली 195 करोड़ की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना को सोमवार को हरी झंडी दे दी है।
स्वीकृत राशि से वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के मेंटेनेंस डिपो के विस्तार के साथ-साथ एक बहुद्देश्यीय वर्कशॉप और विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे प्रशासन ने इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए रेलवे बोर्ड को 195 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा था, इस ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण से अब वंदे भारत सहित सभी हाई स्पीड ट्रेनों के रखरखाव करने वाले इंजीनियरों को ट्रेनिंग की फैसिलिटी भी जोधपुर में ही मिल जाएगी।
जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जोधपुर के भगत की कोठी वाशिंग लाइन के पास 167 करोड़ रुपए की लागत से वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है तथा परियोजना के दूसरे चरण में बहुद्देश्यीय,आधुनिक और आवासीय ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण प्रस्तावित है, जहां वंदे भारत बेड़े की सभी ट्रेनों के रखरखाव और इसके रखरखाव से जुड़े इंजीनियरों व सहायक कर्मचारियों को उच्च मानकों वाली ट्रेन मशीनरी को संभालने का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए रेलमंत्री द्वारा 195 करोड़ रुपए की बजट मंजूरी उत्तर पश्चिम रेलवे के लिए एक बड़ी सौगात है।

जोधपुर बनेगा हाई स्पीड रेल का महत्वपूर्ण केंद्र

द्वितीय चरण में मेंटेनेंस डिपो और प्रशिक्षण केंद्र में विशेष विभाग होंगे, जिनमें से प्रत्येक अलग-अलग तकनीकी और परिचालन क्षेत्रों के लिए समर्पित होगा। इस विकास के साथ जोधपुर देश के हाई स्पीड रेल पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। सर्वोत्तम रखरखाव, सुविधाओं, केंद्रीकृत संचालन और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण अवसंरचना का संयोजन न केवल क्षेत्र की रेल क्षमताओं को सशक्त बनाएगा, बल्कि भारतीय रेलवे की भविष्य की तैयारी के लिए नए मानक भी स्थापित करेगा।

सुव्यवस्थित परिचालन से रेलयात्रियों को मिलने वाली बेहतर गति से सफर बनेगा सुगम

एक बार चालू हो जाने पर, यह डिपो भारतीय रेलवे पर चलने वाली सभी वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के संपूर्ण रखरखाव का कार्यभार संभालेगा, जिससे परिचालन सुव्यवस्थित होगा और यात्रियों को बेहतर गति व सुविधा मिलेगी। इस सुविधा से न केवल सेवा विश्वसनीयता और टर्नअराउंड समय में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र में रेल परिचालन की समग्र दक्षता भी बढ़ेगी। भगत की कोठी का निर्माण कार्य अग्रिम चरण में है और यह भारतीय रेलवे पर अपनी तरह का पहला डिपो होगा।

प्रधानमंत्री ने किया था शिलान्यास

भगत की कोठी (जोधपुर) में स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए 167 करोड़ रूपए की लागत से वंदे भारत मैंटेनेंस डिपो के निर्माण कार्य का शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा 16 फरवरी 2024 को किया था तथा इसका निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है।

इन सुविधाओं का भी होगा विस्तार

भगत की कोठी में मैंटेनेंस कम वर्कशॉप डिपो के द्वितीय चरण के कार्य में अनुरक्षण सुविधाओं के विस्तार में इंस्पेक्षन बे-लाइन पर कवर्ड शेड़, वृह्द कवर्ड वर्कशॉप क्षेत्र का विकास, ओएचई सुविधा युक्त पिट लाइन, पिट व्हील अनुरक्षण का विस्तार व सर्विस बिल्डिंगों का निर्माण इत्यादि का कार्य किया जाएगा।

मैंटेनेंस सह वर्कशॉप डिपो के निर्माण से लाभ

-एक ही स्थान पर अत्याधुनिक तकनीक युक्त स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण की सुविधा मिलेगी।
-अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से संरक्षा में बढ़ोतरी होगी।
-अनुरक्षण सुविधा बेहतर होने से अधिक ट्रेनों को संचालित करने की क्षमता में बढ़ोतरी।
-अधिक ट्रेनों के संचालन से क्षेत्र में रेल कनेक्टीविटी को मजबूती मिलेगी।
-प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अनेक तरह के रोजगारों का सृजन होगा।
Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor