राइजिंग भास्कर. जोधपुर
राजस्थान सिन्धी अकादमी द्वारा झालाना संस्थानिक क्षेत्र, जयपुर स्थित अकादमी संकुल में राज्य स्तरीय साहित्यिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया। अकादमी सचिव डॉ.रजनीश हर्ष ने बताया कि गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए जोधपुर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं रंगकर्मी हरीश देवनानी ने ’सुन्दर अगनानी जे नाटकनि जी समालोचना’ विषयक आलेख में सुन्दर अगनानी के नाटकों की विषयवस्तु, भाषा व मंचन के बारे में विस्तार से बताया।
गोष्ठी में अजमेर के डाॅ.जितेन्द्र थदानी ने ’सिन्धी डिण वारनि जे तामनि जी वैज्ञानिक परख़’ विषयक लेख में सिन्धी तीज-त्योहार पर बनने वाले पकवान व खाने के वैज्ञानिक पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया। जयपुर की नन्दिनी पंजवानी ने ’असू ऐं कती महिने जा डिण-वार’ विषयक आलेख में सिन्धी त्यौहारों की विस्तृत व शास्त्रसम्मत जानकारी दी।
अजमेर के प्रकाश तेजवानी ने ’शायर परसराम ज़िया जी शख़्सियत ऐं शाइरी’ विषयक आलेख में सिन्धी शायर परसराम ज़िया के बारे में रोचक व सारगर्भित जानकारी दी। पार्वती भागवानी ने स्वरचित सिन्धी कहाणी ’एहसास’ में रिष्तों के भावनात्मक पहलुओं का चित्रण किया। हेमनदास ने स्वरचित कविता ’नियाणी’ एवं ’नियाणियुनि खे बचायो’ में पुत्री जन्म की महता का सुन्दर वाचन किया।
गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार डा.खेमचंद गोकलानी, डा.माला कैलाश, डा.पूनम केसवानी, डा.हरि.जे.मंगलानी, गोपाल, लता भारद्वाज, माया वसंदानी, महेश किशनानी, विक्रम लालवानी, कैलाशआडवानी तथा सिन्धी भाषी साहित्यकार, पत्रकार, अकादमी के पूर्व सदस्य एवं समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। गोष्ठी के अन्त में फिल्म अभिनेता गोरधन असरानी एवं जयपुर के रंगकर्मी श्री मनोज अडवानी के आकस्मिक निधन पर दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गोष्ठी का संचालन श्रीमती पूजा चांदवानी ने किया।






