राइजिंग भास्कर ने वीडियो बनाने वाले मरीज तक पहुंचने की कोशिश की, मगर बात नहीं हो पाई। इसलिए हम इस वीडियो की पुष्टि नहीं करते, मगर सच्चाई के इस पक्ष से पाठकों को अवगत करवाना जरूरी था, इसलिए ये खबर दे रहे हैं।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मरीज नीर शेख (NEER SHEIKH) ने वीडियो जारी कर कहा कि जोधपुर के मेडिपल्स अस्पताल की लापरवाही की वजह से उसकी जान भी जा सकती थी और उसे मरे दस दिन हो चुके होते और लोग लिखते-जस्टिस फॉर नीर शेख।
शेख ने कहा कि उसके पेट में असहनीय दर्द हुआ और वह 3 अक्टूबर को सुबह 7 बजे जोधपुर के बासनी स्थित मेडिपल्स अस्पताल में दिखाने गया। वहां उसे पेन किलर दिए गए। राहत नहीं मिलने पर सोनोग्राफी करवाई गई। डॉक्टर ने क्लीन चिट दे दी और कहा कि हल्का-फुल्का इन्फेक्शन है और खाने-पीने का कुछ ध्यान रखने को कहा गया। शाम को 5 बजे तक मरने जैसी हालत हो गई। उसकी हालत जब ज्यादा बिगड़ी तो उसे किसी अन्य अस्पताल में ले जाया गया और वहां से शास्त्री नगर स्थित डॉ. हीरा डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लि. पर भेजा गया और सोनोग्राफी करवाई। वहां खतरनाक स्तर का एपेंडिंक्स बताया गया। अगले दिन उसका एमडीएमएच में गंभीर ऑपरेशन हुआ। मेडिपल्स की पर्ची में मरीज के नाम की स्पेलिंग MR.NEER SETH, 31 YEAR, MALE, REFERED CONSULTANT : DR.MUKESH NAGAL लिखा है। और डॉ. हीरा डायग्नोस्टिक प्रा.लि. में मरीज का नाम NAYYAR, 30 YEAR, MALE लिखा है। दोनों की पर्चियों में नाम की स्पेलिंग अलग-अलग है। यहां तक कि मरीज नीर शेख (NEER SHEIKH) ने अपने वीडियो में यही स्पेलिंग लिखी है, लेकिन मेडिपल्स की पर्ची में MR.NEER SETH लिखा है। इसी तरह हीरा डायग्नोस्टिक प्रा.लि. की पर्ची में स्पेलिंग NAYYAR लिखा है जो बिल्कुल हटकर है। इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए राइजिंग भास्कर ने वीडियो बनाने वाले तक पहुंचने की कोशिश की, मगर वीडियो बनाने वाले शख्स से बात नहीं हो पाई। मगर घटना गंभीर होने की वजह से तथ्यों और परिस्थितियों को जिस रूप में देखा पेश किया जा रहा है।





