सीए बनने का सपना—जोधपुर के युवाओं का, ट्रस्ट व सोशल इंडस्ट्री का साथ
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
9783414079 diliprakhai@gmail.com
सीए हब बनते शहर जोधपुर की नई उड़ान अब नंदकिशोर राठी मेडिकल एंड एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ होने जा रही है। ट्रस्ट ने जोधपुर के युवाओं के सपनों को पंख लगाने का बीड़ा उठाया है।
राजस्थान के मरुधर क्षेत्र में स्थित जोधपुर शहर को अक्सर “सीए सिटी” के रूप में भी देखा जाता है। 2006 की एक रिपोर्ट के अनुसार जब पूरे देश में सीए परीक्षा का औसत सफलता प्रतिशत लगभग 8% था, उसी समय जोधपुर जिले से 252 सफल उम्मीदवारों में से 126 उम्मीदवार पास हुए थे।
इसका मतलब यह है कि लगभग 50% पास करने वालों में से जोधपुर का हिस्सा था—यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह इस बात का संकेत है कि शहर में इस प्रोफेशन को लेकर एक सकारात्मक माहौल बना हुआ है। इसके अलावा, जोधपुर में CA फर्मों व चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की सूची बहुत लंबी है—जस्ट डायल की लिस्टिंग के अनुसार जोधपुर में 600 + से अधिक CA कार्यालय सूचीबद्ध हैं।
जोधपुर का सीए हब बनने के कारण
- व्यापारिक परिवारों की मजबूत जड़ें (ओसवाल, अग्रवाल, महेश्वरी आदि) यहां लंबे समय से हैं; इन्हें लेखांकन-वित्तीय मामले से परिचय बचपन से ही होता है।
- शहर में कोचिंग, ट्यूशन, लेखांकन-सेवाओं की पहुंच बढती रही है, जिससे छात्रों को बेहतर तैयारी के अवसर मिले।
- लागत अपेक्षाकृत कम है, मुकाबला मैदान अपेक्षाकृत छोटा है—इसलिए जुटना आसान है।
- कई सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट जोधपुर से निकल चुके हैं, जो आने वाले युवाओं को प्रेरणा देते हैं।
इन कारणों की वजह से अब जोधपुर में हर दशक में बड़ी संख्या में छात्र इस पढ़ाई-प्रशिक्षण की ओर बढ़ रहे हैं।
युवाओं की कहानी: पिछले पांच दशक में उदय
पिछले करीब पचास वर्षों में (1970-2020) जोधपुर के युवाओं ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी में निरंतर बाजी मारी है :
- 1970-80 के दशक: इस दौर में स्थानीय व्यापार-परिवारों के बेटे-बेटियां लेखा-जोखा-परिचय में थे, लेखांकन निजी ट्यूशन तथा प्रैक्टिस-फर्म के साथ सीखते थे।
- श्री आनंद राठी ने अपनी प्रतिभा के बल पर गोल्ड मेडल प्राप्त कर सीए बनने में सफलता प्राप्त की। सीए सिटी में उनके बारे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध है। श्री आनंद राठी जोधपुर के निवासी हैं और उन्होंने यह साबित किया कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। आज देश ही नहीं दुनिया में उनकी पहचान है। इसके साथ ही सुरेश राठी ग्रुप के श्री सुरेश राठी ने अपनी सफलता से खुद को साबित किया है।
- 1990 के दशक: देश में आर्थिक उदारीकरण के बाद वित्त-सेवा, प्रोफेशनल सर्विसेज की मांग बढ़ी; इस दौरान जोधपुर के छात्र भी सीए की परीक्षा की ओर आकर्षित हुए।
- 2000-2010: इंटरनेट, कोचिंग संस्थान, मॉक-टेस्ट, लार्ज-ग्रुप्स की शुरुआत हुई; जोधपुर में भी कोचिंग केंद्र बढ़े।
- 2010 के बाद: ग्लोबलाइजेशन, आउटसोर्सिंग, GST, डिजिटल ऑडिटिंग आइटी-अनेक्सेड सेवाओं ने इस प्रोफेशन को और व्यापक बना दिया। इस अवसर से जोधपुर के युवाओं ने लाभ उठाया।
- 2020-वर्तमान: ऑनलाइन कोचिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्स के ज़रिए पहुंच आसान हुई है—इससे ग्रामीण व अपेक्षाकृत कम संसाधन-वाले परिवारों के बच्चों को भी मौका मिल रहा है।
इस तरह, शहर के युवाओं ने न केवल परीक्षा-उत्तीर्ण होने में सफलता पाई है बल्कि पेशेवर रूप से देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई है। इस प्रकार जोधपुर सचमुच सीए के क्षेत्र में एक हब के रूप में उभरा है।
स्कॉलरशिप योजना : – एक कल्याणकारी पहल
ख़ुशी की बात यह है कि नंदकिशोर राठी मेडिकल एंड एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट (एनआरएम एंड ए चैरिटेबल ट्रस्ट) द्वारा — आनंद राठी ग्रुप और सुरेश राठी ग्रुप के सहयोग से — “सीए स्कॉलरशिप स्कीम” शुरू की जा रही है।
योजना की प्रमुख बातें
- इस स्कीम के तहत इंस्टिट्यूट की पूरी रजिस्ट्रेशन फीस और 50% कोचिंग-फीस ट्रस्ट द्वारा दिया जाएगा।
- केवल जोधपुर के निवासी छात्र-छात्राओं के लिए है—यानी छात्र को जोधपुर से होना आवश्यक है।
- परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए।
- इस सुविधा के लिए इच्छुक विद्यार्थी ई-मेल: sureshnrathi@gmail.com और वाट्सऐप/फोन: 98290 22840 पर संपर्क कर सकते हैं।
- वरिष्ठ समाजसेवी श्री सुरेश राठी ने बताया कि जोधपुर को सीए का हब माना जाता है, इसलिए यहां के युवाओं को इसका अवसर देना, उनके सपनों को पूरा करना और जरूरतमंदों को मदद करना हमारा लक्ष्य है।
क्यों मायने रखती है यह योजना
- लागत-बाधा: सीए बनने में कोचिंग-और-रजिस्ट्रेशन की फीस प्रमुख रोड़ा है। इस स्कीम से यह बोझ कम होगा।
- संसाधन-असमानता: जोधपुर-के ग्रामीण, संसाधन विहिन छात्रों को भी मौका मिलेगा।
- प्रेरणा-वृद्धि: स्थानीय-ग्रामीण छात्र देखकर यह जानेंगे कि शहर-से-ही-नए अवसर उपलब्ध हैं।
- पेशे-की दिशा: इस स्कीम से जोधपुर में सीए उद्योग को और मजबूती मिलेगी—जैसा कि पहले कई दशकों में देखा गया है।
जोधपुर में आगे का रास्ता–उम्मीदें
उम्मीदें
- जब ज्यादा संख्या में छात्र इस स्कीम से लाभ उठाएंगे, तो शहर में सीए-प्रोफेशनल्स की संख्या और बढ़ेगी—जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, लेखा-सेवा बाजार व व्यावसायिक अवसरों में वृद्धि होगी।
- अन्य कोचिंग-इन्स्टिट्यूट और समाजसेवी संस्थाएं इस तरह की पहल से प्रेरित हो सकती हैं—इस से सामाजिक-शैक्षिक कल्याण को बढ़ावा मिलेगा।
- छात्र-उद्योग-संस्था के बीच बेहतर संबंध बनेंगे; जोधपुर के पढ़े लिखे युवा सिर्फ लोकल बाजार नहीं देखेंगें, बल्कि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
युवाओं के लिए सुनहरा अवसर :
जोधपुर के लिए यह एक सुनहरा अवसर है—जब युवा शहर को “सीए हब” के रूप में आगे ले जा सकते हैं, और जब समाज-वित्त-शिक्षा-संस्था मिलकर कदम बढ़ा रही हैं। इस नए स्कॉलरशिप की पहल न सिर्फ आर्थिक रूप से राहत देने वाली है, बल्कि प्रेरणा-ऊर्जा देने वाली भी है।
जोधपुर के हर युवा को यह संदेश देना चाहिए: “यदि तुम तैयार हो, सीखने के लिए उत्साहित हो, मेहनत करने के लिए तैयार हो—तो यह शहर तुम्हारा मंच है।” और इस दिशा में, नंदकिशोर राठी ट्रस्ट की यह पहल एक महत्वपूर्ण मोड़ है।





