Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 12:45 pm

Thursday, July 9, 2026, 12:45 pm

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

राजस्थानी भाषा जन जागरण अभियान शुरू : बच्चों ने प्रभात फेरियों और रैलियों के माध्यम से मान्यता की मांग की बुलंद

श्री गुरू हंसोजी धाम लिखमादेसर से अभियान की शुरूआत, भाषायी और सांस्कृतिक जुड़ाव के लिए आम जनमानस भी आया विद्यार्थियों के साथ…।

राखी पुरोहित. श्रीडूंगरगढ़/बीकानेर

भाषा, साहित्य, संस्कृति और लोक चेतना को समर्पित प्रकल्प राजस्थली के बैनर तले राजस्थानी जन जागरण अभियान का आगाज आज हुआ। मातृ भाषा की मान्यता की मांग का बाल-जुनून देख कर आमजन भी बच्चों के साथ जुड़ने लगे हैं। इस आशय की जानकारी देते हुए आयोजक संस्था मरूभूमि शोध संस्थान के सचिव साहित्यकार श्याम महर्षि ने बताया कि नई शिक्षा नीति के मसौदे के अनुरूप मातृभाषा राजस्थानी को मान्यता देने एवं इसमें प्राथमिक शिक्षा की स्वीकृति से शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार हो सकता है और विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। व्यापक शब्द-सम्पदा, स्वयं का शब्दकोश और समृद्ध साहित्यिक परम्परा के बावजूद राजस्थानी को मान्यता से वंचित रखना खेदजनक है।

संयोजक साहित्यकार रवि पुरोहित ने कहा कि उच्च शिक्षा में राजस्थानी में पठन-पाठन और शिक्षण की व्यवस्था है। साहित्य अकादमी दिल्ली से मान्यता प्राप्त है। राज्य में पृथक अकादमी है। यदि राजस्थानी मान्यता के लिए योग्य नहीं तो फिर इन सबका कोई अर्थ नहीं। पेड़ों को सींचने की बजाय जड़ों को मजबूती प्राथमिक शिक्षा और मान्यता से ही मिलेगी।

लिखमादेसर, बिग्गा, सातलेरां, जैसलसर, अभयसिंहपुरा आदि क्षेत्रों में विद्यार्थियों ने भरी हुंकार

अभियान की समन्ववयक साहित्यकार भगवती पारीक ‘मनु’ ने बताया कि आज लिखमादेसर, बिग्गा, सातलेरां, जैसलसर, अभयसिंहपुरा आदि ग्रामीण क्षेत्रों में और बाल भारती विद्यालय, श्रीडूंगरगढ़ शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों ने विद्यालय समय से पूर्व पूरे जोश के साथ प्रभात फेरियां और रेलियां निकाल कर राजस्थानी को मान्यता व प्राथमिक शिक्षा का माध्यम बनाये जाने की मांग बुलंद की। रेली के दौरान राजस्थानी मान्यता से जुड़े नारे ग्रामीणों को आकर्षित करते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षित वर्ग का जुड़ाव भी निरन्तर विद्यार्थियों को ऊर्जा सम्पन्न कर रहा है। श्री गुरू हंसोजी धाम लिखमादेसर के पीठाधीश संत सोमनाथ ने राजस्थानी भाषा जन जागरण रेली को प्रारंभ करते हुए कहा कि ग्रामीणों ने अपने स्तर पर विद्याार्थियों के लिए भाषायी और सांस्कृतिक गतिविधियां शुरू करने का मन बना लिया है। यह आंदोलन अब सिर्फ विद्यार्थियों या साहित्यकारों का नहीं, आम लोगों के अस्तित्व का प्रतीक है। इसलिए आम जन के सहयोग से अब प्रत्येक गांव-ढाणी तक आंदोलन की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। धाम के महंत भंवरनाथ ज्याणी के सान्निध्य में हंसोजी धाम से गणगौरी चौक तक निकाली गई इस रैली में युवा जनप्रतिनिधि राधेश्याम सिद्ध, एमएससी अध्यक्ष लूणनाथ सिद्ध, शेरनाथ, शिक्षाविद लक्ष्मीकांत वर्मा और स्काउट गाइड सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

 

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor