निर्मल गहलोत चैरिटेबल फाउंडेशन और अदम्य चेतना ट्रस्ट की ओर से किया जाएगा संचालन, एमजीएच करेगा लाइट-पानी की व्यवस्था।
शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे उद्घाटन समारोह में संत चंद्रप्रभ सागर और अदम्य चेतना ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. तेजस्विनी अनंत कुमार भी मौजूद रहेंगे।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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सेवा की निर्मल पहल निर्मल गहलोत चैरिटेबल ट्रस्ट एक बार फिर करने जा रहा है। अब महात्मा गांधी अस्पताल में भी मानवता की रसोई शुरू का शुभारंभ शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे किया जाएगा। राष्ट्रीय संत जैन मुनि चंद्रप्रभ सागर और अदम्य चेतना ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. तेजस्विनी अनंत कुमार की उपस्थिति में मानवता की रसोई का शुभारंभ किया जाएगा। करीब तीन महीने पहले उम्मेद अस्पताल में मानवता की रसोई की शुरुआत की गई थी। उसकी सफलता के बाद अब महात्मा गांधी अस्पताल में भी शुरुआत की जा रही है। गौरतलब है कि मथुरादास माथुर अस्पताल में हरे कृष्णा मूवमेंट के तहत निशुल्क रसोई का संचालन किया जा रहा है। कुल मिलाकर अब संभाग के तीनों बड़े अस्पतालों में निशुल्क भोजन का बंदोबस्त हो जाएगा
शुद्ध सात्विक भोजन : 350-400 लोग होंगे लाभान्वित
एमजीएच स्थित किचन के पास तैयारियां पूरी कर ली गई है। शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे इस रसोई की शुरुआत होगी। रोज दोपहर 2 बजे 350 से 400 लोगों को जिसमें मरीज और उसके परिजन शामिल होंगे, भोजन करवाया जाएगा। भोजन पूरी तरह निशुल्क करवाया जाएगा और सात्विक होगा। निर्मल गहलोत चैरिटेबल ट्रस्ट और अदम्य चेतना ट्रस्ट की ओर से सामाजिक सरोकार के रूप में यह पहल की जा रही है। ट्रस्ट के निर्मल गहलोत ने बताया कि दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों को शुद्ध सात्विक भोजन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह मानवता की रसोई शुरू की गई थी। इसमें रोज 350 से 400 लोग भोजन कर सकेंगे। संख्या अधिक हुई तो उनके भोजन की व्यवस्था की जा सकती है।
ये होगा मैन्यू : सप्ताह में दो दिन मिठाई भी मिलेगी
एक सब्जी, दाल या कढ़ी, चावल या खिचड़ी और रोटी की सेवा की जाएगी। भोजन अदम्य चेतना की रसोई में बनकर तैयार होगा। सप्ताह में दो दिन मिष्ठान भी दिया जाएगा। एमजीएच के अधीक्षक फतेहसिंह भाटी ने बताया कि ट्रस्ट की इस पहल का हम स्वागत करते हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से जगह के साथ लाइट और पानी की व्यवस्था की जाएगी।
उद्घाटन : संत चंद्रप्रभ सागर का मिलेगा आशीर्वाद
शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रीय जैन संत चंद्रप्रभ सागर महाराज का आशीर्वाद भी मिलेगा। इस मौके पर अदम्य चेतना ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. तेजस्विनी अनंत कुमार भी मौजूद रहेंगी। रसोई की व्यवस्थाएं समाजसेवी तरुण गहलोत, श्याम राखी, बसवराज, माधवदास वैष्णव, मुकेश चौहान, कैलाश मेघवाल सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने पूरी कर ली है।
राइजिंग भास्कर विचार : ज्ञान की क्षुधा के साथ अब पेट की क्षुधा का निर्मल पैटर्न
डॉ. निर्मल गहलोत। देश-दुनिया में शिक्षाविद के रूप में जिनकी विशिष्ट पहचान है। जोधपुर के लिए गौरव पुरुष। डॉ. निर्मल गहलोत ने हमेशा सेवा को अपने संस्कारों का हिस्सा बनाया। शिक्षा के साथ-साथ चिकित्सा और मानव सेवा की पहल में अनेक कीर्तिमान स्थापित किए। उनका सिद्धांत रहा है समाज से जो अर्जित किया जाए उसे समाज को लौटाया जाए। वे शिक्षा के साथ-साथ मानवता की क्षुधा का समाधान भी कर रहे हैं। अस्पताल में कोई भूखा नहीं रहे, इसके लिए यह पहल समय की शिला पर अमिट दस्तावेज साबित होगी। सेवा के क्षेत्र में उनका कदम अदम्य साबित होगा। अदम्य चेतना के सहयोग से यह क्रांतिकारी पहल समाज को नई दिशा देगी। शहर के भामाशाहों से ऐसी ही पहल की अपेक्षा रहेगी। अगर हम समाज से अर्जित कर समाज को लौटाने की सोचेंगे तो समस्याओं का समाधान चुटकी में हो जाएगा।
उम्मेद, एमडीएमएच और एमजीएच : संभाग के तीनों बड़े अस्पतालों में निशुल्क भोजन
डॉ. निर्मल गहलोत की पहल पर उम्मेद अस्पताल में सबसे पहले मानवता की रसोई की शुरुआत की गई। उसके बाद हरे कृष्णा मूवमेंट की ओर से मथुरादास माथुर अस्पताल में निशुल्क रसोई की शुरुआत हुई। अब डॉ. निर्मल गहलोत ने महात्मा गांधी अस्पताल में भी कमी पूरी करने का संकल्प लिया। ऐसा होने के बाद अब संभाग के तीनों सबसे बड़े अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को निशुल्क भोजन मिल सकेगा।





