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Thursday, July 9, 2026, 1:21 pm

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राइजिंग भास्कर ब्रेकिंग…पीएम मोदी का नया विजन: “THREE SIXTY (360)” नाम से नया राष्ट्रीय स्टार्टअप इंडेक्स बनाने की तैयारी— सेंसेक्स-निफ्टी की तर्ज पर तैयार होगा नया आर्थिक मंच

प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्र के अनुसार इंडेक्स अगले साल नवंबर तक लॉन्च हो सकता है।
यह इंडेक्स ठीक उसी तरह काम करेगा जैसे सेंसेक्स (BSE) और निफ्टी (NSE) करते हैं, लेकिन इसका फोकस पूरी तरह अलग होगा—कम पूंजी वाले, उभरते और नवाचार आधारित 360 भारतीय स्टार्टअप्स को आर्थिक मंच उपलब्ध करवाना।

दिलीप कुमार पुरोहित. नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाने की तैयारी कर ली है। पीएमओ सूत्रों के अनुसार सरकार “थ्री सिक्स्टी (360) इंडेक्स” नाम से एक नए राष्ट्रीय स्टार्टअप इंडेक्स (National Startup Index) के गठन पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह इंडेक्स ठीक उसी तरह काम करेगा जैसे सेंसेक्स (BSE) और निफ्टी (NSE) करते हैं, लेकिन इसका फोकस पूरी तरह अलग होगा—कम पूंजी वाले, उभरते और नवाचार आधारित 360 भारतीय स्टार्टअप्स को आर्थिक मंच उपलब्ध करवाना।

यदि यह प्रस्ताव अंतिम रूप ले लेता है, तो देश में पहली बार ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार होगा जो न सिर्फ निवेशकों को नई कंपनियों तक पहुंच देगा, बल्कि छोटे स्टार्टअप्स को भी एक राष्ट्रीय पहचान, पूंजी जुटाने का आसान मार्ग और निवेशक विश्वास प्रदान करेगा। इस मसौदे पर मंथन चल रहा है और सरकार इसे “आर्थिक विकेंद्रीकरण और नवाचार सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा सुधार” बता रही है।

क्यों बन रहा है “थ्री सिक्स्टी (360)” इंडेक्स?

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि भारत के स्टार्टअप्स के लिए एक समान अवसर वाला आर्थिक मैदान बनाया जाए। आज देश में 1 लाख से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर्ड हैं, लेकिन इनमें से लगभग 80% स्टार्टअप्स कम पूंजी, सीमित निवेश, और बाजार में कम दृश्यता के कारण संघर्ष कर रहे हैं।

सेंसेक्स-निफ्टी जैसे बड़े इंडेक्स में शामिल होना इन कंपनियों के लिए संभव ही नहीं है क्योंकि:

  • उनकी मार्केट कैप बहुत कम है,

  • फ्री फ्लोट शेयर सीमित होते हैं,

  • ट्रेडिंग वॉल्यूम पर्याप्त नहीं होता,

  • और वे अभी प्रारंभिक विकास अवस्था में होती हैं।

इन परिस्थितियों को देखते हुए इसके समाधान के लिए सरकार “थ्री सिक्स्टी इंडेक्स” को स्टार्टअप्स के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय आर्थिक मंच बनाने पर विचार कर रही है।

थ्री सिक्सटी में कौन शामिल होंगे?

मसौदे के अनुसार, इस नए इंडेक्स में कुल 360 स्टार्टअप शामिल किए जाएंगे, जो निम्न मानकों पर चुने जाएंगे:

  1. कम पूंजी आधारित स्टार्टअप — शुरुआती निवेश 1 करोड़ से 50 करोड़ तक

  2. राज्य या केंद्र में रजिस्टर्ड स्टार्टअप

  3. पिछले कम से कम 2 वर्षों से संचालन में

  4. नवाचार आधारित मॉडल, जैसे:

    • AI

    • स्वास्थ्य-तकनीक

    • कृषि-तकनीक

    • ऊर्जा समाधान

    • EV स्टार्टअप

    • स्थानीय उत्पाद आधारित यूनिकॉर्न मॉडल

  5. राजस्व वृद्धि और रोजगार सृजन की संभावनाएं

सरकार का उद्देश्य है कि हर सेक्टर, हर राज्य और हर प्रकार के नवाचार का प्रतिनिधित्व इस इंडेक्स में शामिल हो—ताकि यह सचमुच भारत की 360° आर्थिक संभावनाओं का प्रतिबिंब बन सके।

सेंसेक्स-निफ्टी क्यों पर्याप्त नहीं?

विशेषज्ञ बताते हैं कि सेंसेक्स-निफ्टी भारत की बड़ी, मजबूत और पहले से स्थिर कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन स्टार्टअप दुनिया अलग है:

  • स्टार्टअप्स के पास स्थिर assets नहीं होते

  • Cash flow अनिश्चित होता है

  • Growth अचानक होती है

  • Risk अधिक होता है

  • मार्केट कैप बहुत कम होता है

इसलिए स्टार्टअप्स के लिए एक अलग, अधिक लचीला और प्रगतिशील इंडेक्स की जरूरत थी।
“थ्री सिक्सटी” इसी कारण से तैयार किया जा रहा है।

सरकार को क्या करना पड़ेगा?—मसौदे की अंदरूनी जानकारी

सूत्रों के अनुसार, थ्री सिक्सटी इंडेक्स बनाने के लिए सरकार को निम्न कदम उठाने होंगे

1. कानूनी फ्रेमवर्क तैयार करना

यह इंडेक्स किसी सार्वजनिक बाजार प्रणाली का भाग होगा, इसलिए सरकार को SEBI से अनुमोदन लेना होगा।
इसके लिए नई श्रेणी बनाई जाएगी — “Startup Index Category – Bharat 360”

2. नए नियम और मानक तैयार करना

जैसे सेंसेक्स में फ्रीफ्लोट मार्केट कैप और ट्रेडिंग वॉल्यूम नियम हैं, वैसे ही स्टार्टअप इंडेक्स में भी मानक होंगे:

  • न्यूनतम राजस्व सीमा

  • निवेशक संरक्षण मानक

  • वैल्यूएशन पारदर्शिता

  • 6-महीने की रिपोर्टिंग अनिवार्यता

3. एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करना

यह संभवतः “Startup Exchange Terminal (SET)” नाम से बने।
जहाँ स्टार्टअप के शेयरों, वैल्यूएशन, निवेशकों और प्रदर्शन को ट्रैक किया जा सकेगा।

4. स्टार्टअप्स का सर्वे और चयन

DPIIT और Startup India मिशन मिलकर 360 स्टार्टअप्स का चयन करेंगे।
यह प्रक्रिया 3 स्तरों पर होगी:

  • राज्य सरकारों की सूची

  • केंद्रीय मूल्यांकन

  • विशेषज्ञ समिति की अंतिम मंजूरी

5. निवेशकों के लिए नई गाइडलाइन

छोटे निवेशकों को सुरक्षित रखने के लिए, सरकार सीमित जोखिम विकल्प लाएगी:

  • निवेश सीमा

  • जोखिम खुलासा (Risk Disclosure)

  • अर्ध-सुरक्षित निवेश स्कीम

स्टार्टअप्स के लिए मिलने वाले बड़े फायदे

1. राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता

इंडेक्स में शामिल होने के बाद स्टार्टअप को प्रतिष्ठा और भरोसा मिलता है, जो निवेश आकर्षित करने का सबसे बड़ा साधन है।

2. फंडिंग की आसानी

VC फंड्स, एंजेल निवेशक और बैंक इंडेक्स में शामिल स्टार्टअप को प्राथमिकता देंगे।

3. वैश्विक पहचान

ठीक जैसे निफ्टी और सेंसेक्स को दुनिया देखती है, वैसे ही थ्री सिक्सटी की एंट्री दुनिया के निवेशकों को संकेत देगी कि भारत में नए विचार तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

4. रोजगार में तेजी

सरकार का अनुमान है कि इस इंडेक्स के गठन से 5 वर्ष में 10 लाख नए रोजगार उत्पन्न हो सकते हैं।

5. नवाचार को प्रोत्साहन

छोटे स्टार्टअप्स को आर्थिक संबल मिलेगा, जिससे नवाचार के नए मॉडल जन्म लेंगे।

आर्थिक विशेषज्ञों की राय

1. “ये भारत के स्टार्टअप युग का सेंसेक्स है।”

कई अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था को “युवा ऊर्जा” देगा। फिलहाल भारत हर साल 10–12 हजार नए स्टार्टअप देख रहा है, जिनमें से अधिकतर फंडिंग की कमी से रुक जाते हैं।

2. “अर्थव्यवस्था को चौड़ी आधारशिला मिलेगी।”

यदि बाजार सिर्फ बड़ी कंपनियों पर आधारित रहेगा तो विकास सीमित रहेगा। लेकिन यदि 360 नए, छोटे, तेज स्टार्टअप आगे बढ़ेंगे, तो विकास का दायरा बढ़ेगा।

3. “रिस्क मैनेजमेंट सरकार को सबसे अच्छी तरह डिजाइन करना होगा।”

स्टार्टअप्स में जोखिम अधिक है, इसलिए इंडेक्स को सुरक्षित और नियंत्रित ढंग से संचालित करना जरूरी है।

कैसे काम करेगा “थ्री सिक्सटी इंडेक्स”?

सरकार की अवधारणाएं कुछ इस प्रकार हैं:

  • हर स्टार्टअप को एक इंडेक्स भार (Index Weight) मिलेगा

  • मासिक प्रदर्शन अपडेट होगा

  • निवेशकों को GRM – “Growth Risk Meter” दिखाया जाएगा

  • हर 6 महीने में इंडेक्स का रीबैलेंस किया जाएगा

  • खराब प्रदर्शन वाले स्टार्टअप बाहर होंगे

  • नए इनोवेटिव मॉडल शामिल होंगे

इस तरह यह इंडेक्स जीवंत रहेगा—एक “Dynamic Innovation Index।”

क्या यह भारत में स्टार्टअप लिस्टिंग का नया युग शुरू करेगा?

विशेषज्ञों का मत है कि यह इंडेक्स शायद आने वाले वर्षों में “Startup IPO Revolution” की नींव रखेगा।

आज छोटे स्टार्टअप सीधे IPO नहीं ला सकते। लेकिन इंडेक्स में शामिल होने से:

  • उनकी विश्वसनीयता बढ़ेगी,

  • निवेशक आधार बनेगा,

  • और आने वाले समय में IPO आसान होगा।

दूसरे शब्दों में, “थ्री सिक्सटी” Startup to IPO की यात्रा का पहला मजबूत कदम बन सकता है।

राजनीतिक संकेत क्या हैं?

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन स्पष्ट है। क्योंकि यह “नवभारत—नई अर्थव्यवस्था” के विजन से मेल खाता है। सरकार का लक्ष्य अगले 5 साल में भारत को विश्व का सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बनाना है। यह इंडेक्स उस दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल — क्या यह प्रस्ताव पास होगा?

सूत्रों के अनुसार:

  • मसौदा वित्त मंत्रालय में परामर्श चरण में है

  • SEBI और RBI से तकनीकी टिप्पणियां मांगी जाएगी।

  • Startup India मिशन ने समर्थन जताया है

  • अंतर-मंत्रालयी समिति से रिपोर्ट ली जाएगी।

यदि सब ठीक रहा, तो यह इंडेक्स अगले साल नवंबर तक लॉन्च हो सकता है।

नई आर्थिक संरचना — भारत का स्टार्टअप भविष्य नए मंच पर

“थ्री सिक्सटी इंडेक्स” भारत की आर्थिक संरचना में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। यह छोटे स्टार्टअप्स को वह मंच देगा जो इससे पहले सिर्फ बड़ी कंपनियों को मिलता था। सेंसेक्स और निफ्टी ने भारतीय बाजारों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। अब थ्री सिक्सटी यह पहचान भारत के उभरते नवाचारों को दिला सकता है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor