राखी पुरोहित. जोधपुर
हेल्पिंग पीपल ट्रस्ट उम्मीद की किरण की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। समाज में शादी आज भी सिर्फ दो लोगों का नहीं बल्कि दो परिवारों का मिलन मानी जाती है। परंतु यह मिलन कई बार सामर्थ्य, खर्च या परंपरागत रस्मों में फंसकर वर्षों तक टल जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अक्सर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे ही परिवारों के लिए हेल्पिंग पीपल ट्रस्ट ने पहल की और 10 दिसंबर को सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया। विवाह सिर्फ एक रुपये में कराया गया।
हाँ — सिर्फ 1 रुपये मे!
यह रकम फीस नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक भागीदारी थी ताकि यह विवाह दान आधारित न लगे, बल्कि सम्मान आधारित सामाजिक आयोजन बन सके। शादी के साथ जोड़ों को एक लाख रुपये तक का बीमा कवर भी दिया गया। ताकि किसी आपात स्थिति में परिवार सुरक्षित रहे। शादी की सभी परंपराए विधि–विधान से आयोजित की गई। शिव शक्ति नाम से यह परिणय महोत्सव आयोजित किया गया। विधि–विधान पूर्ण रूप से वैदिक नियमों के तहत विवाह किया गया।
इस आयोजन में ट्रस्ट ने दूल्हा–दुल्हन को:
विवाह वस्त्र
मंगलसूत्र
घरेलू वस्तुएं
भोजन–व्यवस्था
पंडित व संपूर्ण रस्में
— सब कुछ उपलब्ध कराया। यानी दूल्हा-दुल्हन ने बिना आर्थिक तनाव, बिना उधार या कर्ज के अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। यह कार्यक्रम किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित नहीं रहा। इसमें सर्व जातीय जोड़े शामिल हुए। ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम पोहानी ने कहा कि “हम विवाह को संस्कार मानते हैं, सौदेबाजी नहीं। यह आयोजन किसी धर्म या जाति का नहीं, इंसानियत का उत्सव है।” आयोजन समिति में मंडोर मंडल अध्यक्ष नीलू-मनोहर सिंह टाक सहित आर्य समाज के लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।








