लेखक : शिव सिंह
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हमारे यहां सालों से धनिया और सेंधा या काला नमक या सादा नमक बिना रिफाइन किया हुआ इस्तेमाल होता आ रहा ओर सबसे बडी बात सब्जी के साथ निशुल्क दिया जाता था। सुबह नमक के पानी से गरारे करने का प्रचलन था। लेकिन हमने यह सब बंद कर दिया। आज कई घरो मे हरा धनिया तो बिल्कुल बंद हो गया है।
उन्हीं के कमी से थाइराइड की समस्या उत्पन हुई है। आयोडिन युक्त नमक तो थाइराइड वालो के लिए तो जहर के समान है थाइराइड के प्रकार :
हाइपरथाइराइडिज्म और हाइपोथायरायडिज्म दोनों प्रकार के थायराइड का उपचार धनिया से पूरी तरह से इलाज किया जा सकता है!
उपचार :
1़ त्रिकटु चूर्ण 50 ग्राम + बहेड़ा चूर्ण 25 ग्राम + प्रवाल पिस्ती 25 ग्राम (दोनों को मिलाकर 60 पुडिया बनानी है और एक एक पुडिया शहद के साथ मिलाकर भोजन के पहले खानी है।
2़ थायराइड के लिए धनिया चटनी बनाकर दिन में 2 बार इस्तेमाल करें और जिन लोगो का थायराइड के कारण वजन या मोटापा बहुत बढ़ा हुआ है उन लोगो को मोटापा भी इसी से कम होगा। या हरे धनियें पत्ते का एक चम्मच रस भी ले सकते है।
नोट : थायराइड के सभी मरीजो के लिए आयोडीन युक्त नमक जहर के समान होता है। थायराइड के सभी मरीजो को सबसे पहले आयोडीन नमक छोड़कर उसकी जगह पर सेंधा या काला नमक का ही प्रयोग करना चाहिए क्योकि भारत में आज जितने भी लोगों को है उनका प्रचुर मात्रा में है।









