शिव वर्मा. जोधपुर
परमहंस मोहब्बत राम महाराज का बरसी जागरण मनाया गया। रमेश लोहिया द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। संतों कर तपोस्थली श्री बड़ा रामद्वारा सूरसागर में आयोजित बरसी महोत्सव के अंतर्गत सन्त अमृत राम महाराज ने भक्तमाल कि कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान केवल मूर्ति में ही नहीं है। भक्ति का ऐसा भाव होना चाहिए जहां-जहां दृष्टि जाए वहां-वहां परमात्मा ही नजर आए।
गीता के अनुसार भगवान ने अर्जुन को कहा मैं यत्र तत्र सर्वत्र सभी जगह हूं। वह भगत सर्वश्रेष्ठ भगत है जो मुझे सब जगह देखा है । परमहंस महंत राम प्रसाद महाराज ने सर्वांगसार कथा सुनाते हुए कहा कि संत की एक बात सुनो अगर व्यक्ति धारण कर लेता है तो उसकी धर्म में रुचि हो जाती है। व्यक्ति के पास जो धन्य उसका दान पुण्य करने से उत्पन्न का शुद्धिकरण होता है । संत ने कहा है जो भी घर में भोजन बनता है। कुछ भोजन का भगवान को भोग लगाकर फिर वह भोजन प्रसाद के रूप में हो जाता है, फिर वह प्रसाद पाना चाहिये। परमहंस मोहब्बतराम महाराज का बरसी जागरण में रमेश लोहिया के द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई।











