शिव वर्मा. जोधपुर
स्वामी श्रदानन्द का 99 वां बलिदान दिवस श्रदापूर्वक मनाया गया। गोकुल जी प्याऊ स्थित आर्य समाज मंदिर, महर्षि पाणिनि नगर जोधपुर में गुरुकुलीय शिक्षा के जनक व शुद्धि – आन्दोलन के प्रणेता स्वामी श्रदानन्द के 99 वें बलिदान दिवस पर भजनोपदेशक अभिषेक आर्य (सहारनपुर) ने भजनों के माध्यम से बताया कि स्वामी दयानन्द के विचारों को धरातल पर उतारने व जन- जन तक पहुंचाने में स्वामी श्रदानन्द का सबसे बड़ा योगदान रहा। देहरादून से पधारे आचार्य अनुज शास्त्री ने बताया कि स्वामी श्रदानन्द के शुद्धि आन्दोलन की वजह से ही महात्मा गॉंधी के पुत्र अब्दुल्ला को हीरालाल बनाया गया। साथ ही स्वामी श्रदानन्द ने गुरु कुल कांगड़ी की स्थापना करके सनातन धर्म व संस्कृति को स्थापित करने का कार्य किया।
इस पवित्र अवसर पर आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान जयसिंह आर्य, बहन चन्द्रमणी व स्वामी चेतना नन्द ने विचारों से श्रद्धासुमन प्रकट किये। इस अवसर पर महर्षि दयानन्द स्मृति भवन के प्रधान विजयसिंह भाटी, ग्रीन माइण्डेड फाउंडेशन के अध्यक्ष नरेन्द्र गहलोत, मनोहर सिंह सोलंकी, प्रकाश परिहार का समाज के कार्यों मे योगदान के लिए दान श्रेष्ठी सम्मान प्रदान किया गया। प्रधान वीरेंद्र जांगिड़ ने सभी अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद प्रकट किया है इस अवसर पर सोहन सिंह,युधिष्ठिर, ज्ञानसिंह, कैलाश चंद्र, धीरेन्द्र, महेश, नरेन्द्र आर्य, गजेन्द्र, राधेकिशन, लिख्माराम, चेतनप्रकाश, विनती जांगिड़, सुशीला, संतोष, मनीषा, सुजातसिंह, दमयंती, पुष्पलता मंच संचालन शिवराम आर्य ने किया।





