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Thursday, July 9, 2026, 7:26 am

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Lifestyle

नववर्ष पर नाचीज बीकानेरी और एनडी निंबावत सागर की कविताएं

कवि : नाचीज बीकानेरी 

नया साल मुबारक

आओ जश्न मनाओ नया साल आ रहा है ।
ईमान की दौलत लेकर नया साल आ रहा है ।।

मुबारक हो वतन के हर खाश-ओ-आम को ।
ढेर सारी खुशियां लेकर नया साल आ रहा है ।।

मुल्क की तरक्की के लिए हम सब दुआ करें ।
अमन का पैग़ाम लेकर नया साल आ रहा है ।।

ज़लज़ले-हादसों से हो वतन की हिफाजत।
भाईचारे का पैकर बनकर नया साल आ रहा है।।

हुक्मरानो जरा सोचो ये मुल्क हम सब का है ।
नफरत के बादल छांटने नया साल आ रहा है।।

जन-जन को खुशहाली की ढेरों सौगात मिले।
आवाम की आवाज़ बन नया साल आ रहा है ।।

जमाने भर की बुराइयां मुल्क से हो रफा दफ़ा ।
इंसानियत का तौफा बन नया साल आ रहा है।।

मुल्क में जय-जयकार की सदाएं बुलन्द हो।
नूर का उजाला लेकर नया साल आ रहा है ।।

जन-जन नैतिक मूल्यों व कर्तव्य का पालन करें।
“नाचीज़”हसीन जज्बात ले नया साल आ रहा है।।

मईनुदीन कोहरी ” नाचीज़ बीकानेरी ” मो 9680868028

एनडी निंबावत सागर, जोधपुर 

आने वाले साल को सलाम…

जाने वाले साल सलाम
आने वाले साल सलाम
हँस लो नाचो गाओ आज
दे दे सबको ये पैगाम

जाने वाले साल सलाम
आने वाले साल सलाम

किसने कितनी खुशियां बांटी
किसने कितने झेले गम
किसने किसको गले लगाया
किसने किसका छोड़ा दामन
नई उमंगे, नई तरंगे
हममें जागे सुबहो शाम

जाने वाले साल सलाम
आने वाले साल सलाम

फूलों से खिल जाएं हम
गुलशन को महकाएं हम
झारणो जैसे चंचल मन से
सबको यूं उझलाएं हम
मंगलमय हो ये वर्ष नया
स्वीकार करो मेरा प्रणाम

जाने वाले साल सलाम
आने वाले साल सलाम

एडवोकेट एनडी निम्बावत “सागर”
जोधपुर (राज.)

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor