राखी पुरोहित. जोधपुर
ईश्वर प्रेम आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव (नंदोत्सव) का उत्सव मनाया गया, जिसमें वामन अवतार के प्रसंग, पूतना वध, और कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया और भक्तों ने “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल” जैसे भजनों पर झूमतें और मिठाई-टॉफी बांटकर खुशियाँ मनाकर बधाई दी, साथ ही कथा वाचक साध्वी नित्यमुक्ता महाराज ने धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के महत्व पर प्रकाश डाला।
चौथे दिन साध्वी नित्यमुक्ता महाराज ने वामन अवतार, राजा बलि के प्रसंग और वामन रूप में भगवान विष्णु द्वारा उनके सब कुछ समर्पित करने से प्रसन्न होकर द्वारपाल बनने की कथा सुनाई। श्रीकृष्ण जन्म: कंस के कारागार में श्रीकृष्ण के जन्म का वर्णन किया और नंद बाबा के घर पर मनाए गए उत्सव (नंदोत्सव) का उत्साहपूर्ण चित्रण किया गया, जहाँ भक्त “हाथी घोड़ा पालकी” के जयकारों के साथ झूमते रहे।





