दिलीप कुमार पुरोहित. मॉरीशस
ब्रह्मलीन, युग मनीषी प्रोफेसर हिम्मत सिंह सिन्हा की विश्व ज्ञान यात्रा का छठा पड़ाव 11 जनवरी 2026 को मॉरीशस में 225 लोगों के मध्य संपन्न हुआ । जिसमें आधे लोग विश्वविद्यालयों, स्कूलों तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े हुए थे तथा आधे लोग आर्य समाज, हिन्दी प्रचारिणी सभा, हिंदी स्पीकिंग यूनियन, वेद मंदिर तथा मॉरीशस हिंदी संघ के लोग थे ।
डॉ. उदय नारायण गंगूजी जो आर्य समाज, मॉरीशस के अध्यक्ष एवं प्रखर नेता हैं उनके सानिध्य में हिंदी स्पीकिंग यूनियन और आर्य समाज, मॉरीशस एवं लोटस ब्लूम पब्लिकेशन भारत व दुबई के तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
केबी व्यास ने ब्रह्मलीन, युग मनीषी प्रोफ़ेसर हिम्मत सिंह सिन्हा के बारे में विस्तार से बताया कि किस तरह से उन्होंने अपना जीवन लोगों की शिक्षा पर केंद्रित और समर्पित कर दिया । विशेष रूप से उन्होंने महर्षि दयानन्द सरस्वती के बारे में विस्तार से बताया जिन्होंने भारत में फैल रहे पाखण्ड पर चोट की थी और वेदों को मूल बताया था। इस अवसर पर मॉरीशस के तृतीयक शिक्षा, विज्ञान एवं अनुसंधान मंत्री डाॅ. कविराज शर्मा सुकों भी उपस्थित थे, जिन्होंने कहा कि प्रोफ़ेसर सिन्हा साहब का व्यक्तित्व उन्होंने पहली बार सुना है और वे वाकई एक युग – पुरुष थे। केबी व्यास ने उन्हें प्रो. सिन्हा का स्मृति ग्रंथ और अपनी पुस्तक “ सहज अभिव्यक्ति- भाग 3”भी भेंट की । इस अवसर पर हिंदी स्पीकिंग यूनियन की ओर से चार युवा किशोरियों ने भी प्रसिद्ध विभिन्न हिंदी साहित्यिक लेखकों की रचनाओं का पाठ किया । अंत में डाॅ. उदय नारायण गंगू ने कहा कि ब्रह्मलीन, युग मनीषी प्रोफ़ेसर हिम्मत सिंह सिन्हा की 2028 से पहले ज्ञान – यात्रा 12 देशों में सफलता पूर्वक संपन्न होने की कामना करते हैं ।








