शिव वर्मा. जोधपुर
नार्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन द्वारा युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानन्द के 163वे जन्मोत्सव के उपलक्ष में सायं 5ः30 बजे यूनियन के मण्डल कार्यालय से दो की पंक्ति रेल कर्मचारियों द्वारा वाहन रैली निकाल कर स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एवम् मोमबत्ती जलाकर जन्मोत्सव मनाया गया।
मण्डल सचिव कॉ. परिहार ने कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस देश के स्वामी विवेकानन्द हमेशा युवाओं के प्रेरणा स्रोत थे। उन्होने युवाओं को अधिक से अधिक संघर्ष कर सफलता प्राप्त करने को कहा है। कॉ. परिहार ने कहा कि युवाओं को व्यवहारिक शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए, केवल किताबी शिक्षा का ज्ञान ठीक नही है। स्वामी विवेकानन्द सदैव मूर्ति पूजा के पक्ष में नही रहे। अल्प आयु में स्वामी जी ने अमेरीका, इंग्लैण्ड में भी देश का नाम रोशन किया था । वह साहित्य दर्शन और इतिहास के प्रखण्ड विद्वान थे। स्वामी विवेकानन्द ने राज योग तथा ज्ञान योग जैसे ग्रन्थो की रचना कर युवाओं को नया रास्ता दिखाया इन्होने सन् 1886 में रामकृष्णपरमहंस के सम्पर्क में आने के बाद परमहंस की स्थापना की।
मण्डल अध्यक्ष कॉ. महेन्द्र व्यास ने बताया कि देश का हर युवा प्रगति पर चले यह स्वामी विवेकानन्द जी का सपना था जिसे हमें पूरा करना है। उनका आदर्श था कि उठो, जागो, तब तक चलते रहो जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो। इस कार्यक्रम में सुनील टाक, जसबीर सिंह चौधरी, मदनलाल बैरवा, बन्ने सिंह, आशा कंवर, अशोक सिंह मेडतिया, लाभ सिंह, अनुप त्रिवेदी, परमानन्द गुर्जर, अशोक शर्मा, कौशल कुमार, प्रीति, रामकिशोर मीणा, अरूण बिस्सा, विक्रम सिंह मांगलिया, उदित माथुर, मोहम्मद आबीद, जे.के.मंगल, पदम सिंह, सवाई सिंह, भंवर सिंह दहिया, हनवन्त सिंह, हिमांशु, संजय देशवाल, मनोहर पुनिया, नरेन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह सहित सैकडों कार्यकर्ताओं स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए वंदेमातरम के नारे लगाते हुए स्वामी विवेकानन्द के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।







