Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 4:09 am

Thursday, July 9, 2026, 4:09 am

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

मानव शरीर पर EMR के प्रभाव 

लेखक : शिव सिंह

9784092381

EMR (Electromagnetic Radiation) या विद्युत चुंबकीय विकिरण एक प्रकार की ऊर्जा है जो तरंगों के रूप में अंतरिक्ष में फैलती है। इसमें मुख्य रूप से रेडियो तरंगें, सूक्ष्म तरंगें (microwaves), अवरक्त (infrared), दृश्य प्रकाश (visible light), पराबैंगनी (ultraviolet), एक्स-रे और गामा किरणें शामिल होती हैं।

​दैनिक जीवन में हम मोबाइल फोन, वाई-फाई, माइक्रोवेव ओवन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से लगातार इनके संपर्क में रहते हैं।

मानव शरीर पर EMR के प्रभाव (Effects on Human Body)

​विद्युत चुंबकीय विकिरण का प्रभाव उसकी आवृत्ति (frequency) और तीव्रता पर निर्भर करता है। इसके मुख्य प्रभावों को दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है:

1. थर्मल प्रभाव (Thermal Effects)
​जब शरीर उच्च स्तर की EMR (जैसे माइक्रोवेव) के संपर्क में आता है, तो यह शरीर के ऊतकों (tissues) को गर्म कर सकता है।

​आंखों और अंगों पर प्रभाव: आंखों के लेंस और अंडकोष (testes) में रक्त का प्रवाह कम होने के कारण वे गर्मी को जल्दी बाहर नहीं निकाल पाते, जिससे उनके क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है।

​2. गैर-थर्मल और जैविक प्रभाव (Biological Effects)

​लंबे समय तक कम तीव्रता वाले EMR (जैसे मोबाइल और सेल टॉवर) के संपर्क में रहने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:

​नींद और मानसिक स्वास्थ्य: अनिद्रा (insomnia), बार-बार सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की कमी।

​प्रजनन क्षमता: शोध के अनुसार, अत्यधिक मोबाइल उपयोग से पुरुषों में शुक्राणुओं (sperm count) की संख्या और गुणवत्ता में कमी आ सकती है।

​याददाश्त: मस्तिष्क की कोशिकाओं पर प्रभाव पड़ने से याददाश्त कमजोर हो सकती है (Memory loss)।

त्वचा की समस्याएं: कुछ लोगों में इसके प्रति संवेदनशीलता के कारण त्वचा में जलन या सूखापन महसूस हो सकता है।

​कैंसर का जोखिम: WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के कुछ शोध संकेत देते हैं कि रेडियोफ्रीक्वेंसी रेडिएशन से ब्रेन ट्यूमर या कैंसर का खतरा बढ़ सकता है,
हालांकि इस पर अभी और गहन शोध जारी है।

​बचाव के उपाय (Prevention Tips)

​दूरी बनाए रखें: सोते समय मोबाइल को सिर के पास न रखें।

​स्पीकर का उपयोग: फोन पर लंबी बात करते समय इयरफ़ोन या स्पीकर मोड का उपयोग करें।
​वाई-फाई बंद करें: रात को सोते समय वाई-फाई राउटर को बंद कर दें।

​बच्चों का बचाव: बच्चों का कपाल (skull) पतला होता है, इसलिए उन्हें मोबाइल रेडिएशन से दूर रखना अधिक आवश्यक है।

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor