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Sunday, August 23, 2026, 7:48 am

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ईशकृपा धाम से 103 विद्यार्थियों में 15.30 लाख की छात्रवृति एवं 270 परिवारों में खाद्य सामग्री वितरित

बालिकाओं को सही मार्गदर्शन मिलने पर वे आत्मनिर्भर बन कर सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण करेगी – मधु आडवानी

राखी पुरोहित. जोधपुर 
स्वामी विवेकानन्द स्टूडेन्टस् वेलफेयर चेरिटेबल ट्रस्ट एवं ज्ञानयोगी नन्दकिशोर शारदा अध्यात्म केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान द्वारा शास्त्रीनगर स्थित ईशकृपा धाम में विभिन्न महाविद्यालयों में अध्यनरत 103 छात्र-छात्राओं में 15 लाख 30 हजार रूपये की छात्रवृति के चैक वितरित किये। ट्रस्ट अध्यक्ष मधु आडवानी ने कहा कि युगप्रर्वतक नन्दकिशोर शारदा व माॅ बसन्ती मनिहार ने सर्वधर्म की जरूरतमंद बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए इस ट्रस्ट की स्थापना की, ताकि ये बालिकाएं एक सुदृढ़ समाज का निर्माण कर सके। भविष्य में आत्मनिर्भर बन कर समाज व राष्ट्र का नाम रोशन करेगी। मणिद्वीप संस्कार कक्षाओं में आनी वाली बालिकाएं कठिन परिस्थितियों में भी प्रसन्न रहना सीख रही है। उन्होने भैया द्वारा प्रदत्त बुद्धि-विवेक योग साधना पद्वति के 9 चरण ज्ञान, विज्ञान, चिन्तन, संकल्प, समर्पण, कर्म साधना, प्रेम शांति व आनन्द के बारे में बताया। इस पद्वति को धारण करने पर व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में शांत रह पाता हैं एवं सही निर्णय लेकर आनन्द, शांति व खुशी प्राप्त करता है। मुख्य अतिथि शिवरतन मानधना ने कहा जो व्यक्ति विनम्र होते है वे आगे बढ़ते है एवं जीवन में प्रगति करते हैं। नवरतन मानधना ने कहा कि जरूतमंद विद्यार्थियों का हाथ मणिद्वीप ने थाम कर इनका भविष्य उज्जवल किया है। मणिद्वीप के संस्कारों को इन बच्चों ने दैनिक जीवन में लागू किया हैं इनके आत्मविश्वास उद्बोधन सुन कर ही पता लगता है कि है कि मणिद्वीप नये युग का निर्माण कर रहा है। प्रो.वी.के.भंसाली ने कहा कि समय का सद्उपयोग करे एवं व्यर्थ की बातों का नजर अंदाज करते हुए आगे बढे।
     उपस्थित बालिकाएं व परिवाजन में दिशा अरोड़ा ने कहा कि मणिद्वीप से वाणी का संयम, समय का सद्उपयोग, दिनचर्या का आत्मविश्लेषण, दूसरो के प्रति कृतज्ञता एवं सद्गूणों का विकास इत्यादि बाते सीखी व धारण करने से जीवन में सकारात्मक परिर्वतन होने लगे। साथ ही ईश्वर पर अटूट विश्वास, चैतन्य व भौतिक शरीर के माता-पिता के बारे में जानकारी मिली। कौशल्या राजपुरोहित ने कहा कि बडा परिवार होने के कारण आर्थिक स्थित अच्छी नही थी, हमें गरीब की नजर से देखते। मणिद्वीप से सीखा जिनमे पास बुद्वि विवेक होता है वह व्यक्ति गरीब नहीं होता हैं। मणिद्वीप के सहयोग से आज पढ लिख कर आत्मनिर्भर बन रहे है। निशिता शर्मा ने कहा कि माता-पिता दोनो गम्भीर बीमार होने के कारण जीवन जीना कठिन हो गया। मणिद्वीप से शिक्षा, संस्कार व खाद्य सामग्री की मदद मिली एवं ईश्वर का निःस्वार्थ स्मरण मानव जीवन का आधार है के बारे मे जाना। उमा व इन्दा ने बताया कि घर के हालात से तनाव में थे, दो वक्त का खाना नहीं मिल रहा था। मदद के लिए उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आई। ट्रस्ट ने बच्चों की पढाई के लिए फीस राशि के साथ खाद्य सामग्री दी।
इस अवसर पर ज्ञानयोगी नंदकिशोर शारदा अध्यात्म केन्द्र द्वारा जरूरतमंद 270 परिवारों में खाद्य सामग्री भी वितरित की गई। छात्रवृति के चैक व खाद्य सामग्री का वितरण विशिष्ठ अतिथि समाजसेवी राजेश जाजड़ा, नरेश जाजड़ा, वासु राठी, कुलदीप सांखला, नरेन्द्र माहेश्वरी, दिलीप पुरोहित, अरूण जैसलमेरिया, कमल जैसलमेरिया, प्रदीप चैधरी, जितेन्द्र मंत्री, आरती मंत्री, विमला मरड़िया, चेतन सोनी, नन्दकिशोर फोफलिया, श्रीगोपाल सोनी, चेतन सोनी, रितेश मरडिया, राकेश लोहिया, दीपिका मंत्री व श्वेता मरिडया ने किया। मंच संचालन नवलकिशोर शारदा ने कहा कि बच्चों की उच्च शिक्षा हेतु उचित सुविधाएं प्रदान करने से ही उच्च राष्ट्र का निर्माण होगा।
Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor