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Sunday, August 23, 2026, 7:10 am

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Lifestyle

सूर्य सप्तमी: आरोग्य और ऊर्जा का महापर्व

लेखक : शिव सिंह भाटी
9784092381

​सूर्य सप्तमी केवल एक तिथि नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ने का एक अवसर है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव ने पूरे विश्व को अपने ‘प्रकाश से आलोकित किया था। एक वेलनेस कोच के रूप में, मेरा मानना है कि सूर्य नमस्कार केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य बिठाने की एक पूर्ण साधना है।

​सूर्य नमस्कार के साथ दिन की शुरुआत क्यों करें?

​सूर्य नमस्कार 12 शक्तिशाली योग मुद्राओं का एक क्रम है, जो आपके शरीर के हर हिस्से पर काम करता है:
* ​शारीरिक शुद्धि: यह रक्त संचार (Blood Circulation) को बढ़ाता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।

* ​मानसिक स्पष्टता: सुबह की पहली किरण के साथ जब आप सांसों के तालमेल पर ध्यान देते हैं, तो तनाव और चिंता का स्तर कम होता है।

* ​ऊर्जा का संचय: सूर्य की ऊर्जा हमारे ‘मणिपुर चक्र’ (Solar Plexus) को सक्रिय करती है, जिससे आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।

​अभ्यास के लिए मुख्य सुझाव

​यदि आप कल से इसकी शुरुआत कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

* ​समय: सूर्योदय का समय सबसे उत्तम है। खाली पेट अभ्यास करें।

* ​कृतज्ञता: हर मुद्रा के साथ सूर्य देव के प्रति आभार व्यक्त करें। यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को गहराई से प्रभावित करता है।

* ​निरंतरता: वेलनेस कोई एक दिन का इवेंट नहीं, बल्कि एक यात्रा है। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

​”आपका शरीर एक मंदिर है, और सूर्य नमस्कार उस मंदिर को प्रकाश से भरने की पहली सीढ़ी है।” — शिव सिंह भाटी

​सलाह

​इस सूर्य सप्तमी पर, आइए खुद से एक वादा करें। हम केवल जीवित नहीं रहेंगे, बल्कि ऊर्जा और उत्साह के साथ ‘जीवंत’ रहेंगे। सूर्य की पहली किरण के साथ उठें, अपनी चटाई बिछाएं और ब्रह्मांड की इस अनंत ऊर्जा को प्रणाम करें।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor