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Thursday, July 9, 2026, 4:58 am

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डॉ. हस्तीमल आर्य ‘हस्ती’ को बाल पुस्तक “देश के परिवेश” के लिए मिला ‘साहित्य सृजक सम्मान’

डॉ. आर्य को माल्यार्पण कर, शॉल ओढ़ाकर और  5100/- रुपए नकद देकर शील्ड व प्रमाण पत्र से नवाजा गया।

राखी पुरोहित. जोधपुर

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हस्तीमल आर्य ‘हस्ती’ को सरस्वती साहित्य संगम रावसर द्वारा रावतसर साहित्य सृजक सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। डॉ. आर्य को माल्यार्पण कर, शॉल ओढ़ाकर और  5100/- रुपए नकद देकर शील्ड,व प्रमाण पत्र से नवाजा गया।

यह सम्मान कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं राजस्थान के वरिष्ठ साहित्यकार जांबाज कवि राजस्थान साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य कवि सुरेन्द्र कुमार सुंदरम व संस्था अध्यक्ष विमल चांडक, संस्था प्रभारी विजय पटीर, सचिव सुभाष सोनी, महिला सचिव श्रीमती नीता अग्रवाल, राजेंद्र डूडी, स्थानीय कवि ओम पारीक, कवि मदन पेंटर व गौतम माकड़ तथा इंद्रपाल इत्यादि के कर कमलों द्वारा दिया गया। संस्था सचिव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में कुल सत्रह प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा चयन समिति ने डॉ. हस्तीमल आर्य हस्ती की पुस्तक “देश के परिवेश में” का चयन किया गया।

बच्चों को संस्कारित करने की जरूरत : डॉ. आर्य

डॉ. आर्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के परिवेश में जहां बच्चों में नैतिकता का ह्रास हो रहा। उनमें उच्छृंखलता, हिंसक प्रवृतियां, एकाकीपन, असहनशीलता, वैमनस्य, सौहार्द की कमी, शॉर्ट कट मारने की प्रवृत्ति, सपनों का जीवन जीने तथा मोबाइल व फिल्मी जीवन के परिवेश में हमारी भारतीय संस्कृति, संस्कार तथा शिक्षा से विमुख होते जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों के जीवन में काव्य रूपी शब्दों से संस्कारों को भरने की आवश्यकता है। देश परिवार व समाज के प्रति दायित्व पूर्ण जीवन व शिक्षा देने का प्रयास साहित्य के माध्यम करना होगा। मेरी इस पुस्तक में भी मैंने इन बातों पर बच्चों का ध्यान आकर्षित किया है। आज के बालकों रूपी पौध में संस्कार रूपी खाद पानी देकर सुंदर वैज्ञानिक दृष्टिकोण का भारत बनाने का काव्य प्रयास है।

डॉ. हस्तीमल आर्य का किया स्वागत 

आरंभ में सभी ने डॉ आर्य का स्वागत किया। इसके बाद डॉ. हस्तीमल आर्य की बाल पुस्तक “देश के परिवेश” ‘के लिए साहित्य सृजक सम्मान’ से सम्मानित किया। डॉ. हस्तीमल पेशे से चिकित्सक व स्त्री रोग विशेषज्ञ भी है। साहित्य के क्षेत्र में इनकी पूर्व पुस्तकों को सम्मान मिल चुका है । इनकी दो हाइकु पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी है तथा हाइकु विभूषण से सम्मानित हो चुकी है।
हिंदी साहित्य क्षेत्र में इन्हें अंतर्राष्ट्रीय साहित्य वाचस्पति पुरस्कार -2025 व हिंदी साहित्य रत्न से भी सम्मानित हो चुके हैं।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor