उत्सव में चौपासनी सत्संग मंडली के कलाकारों ने अपनी सुमधुर गायकी से समां बांध दिया। मंडली के प्रमुख गायक नंदलाल माथुर, लोकेश और मनोज माथुर (सोनू) ने पारंपरिक कृष्ण होरिया की ऐसी तान छेड़ी कि उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
मंडोर स्थित प्रसिद्ध जीवण माता मंदिर में फाल्गुन मास के उल्लास के बीच भव्य फागोत्सव का आयोजन अपार श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कायस्थ सरदार भुवनेश माथुर ने बताया कि मंदिर परिसर कृष्ण भक्ति और फाल्गुनी रंगों से सराबोर नजर आया, जहाँ श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ उत्सव का आनंद लिया।
उत्सव में चौपासनी सत्संग मंडली के कलाकारों ने अपनी सुमधुर गायकी से समां बांध दिया। मंडली के प्रमुख गायक नंदलाल माथुर, लोकेश और मनोज माथुर (सोनू) ने पारंपरिक कृष्ण होरिया की ऐसी तान छेड़ी कि उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया।
इस अवसर पर मुरारी लाल माथुर, प्रोफेसर सुरेश माथुर, पंकज राज माथुर, आर. एस. माथुर, इंद्रराज माथुर, मनीष, बी. पी. माथुर, महेश, उमेश, सुनील, केदार माथुर और लोकेश,रॉबिन,राकेश माथुर, कुशाल, मयूरेश, सन्नी आदि ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्ति का रंग जमाया। कलाकारों ने “खेले रे खेले घनश्याम”, “अरे कान्हा मुरली वाले”, “सांवरिया संग होली खेलो” और “बृज में कैसे खेलूँ होरी” जैसे लोकप्रिय भजनों और होरियों को गाकर पूरे मंदिर परिसर को गुंजायमान कर दिया।
मुख्य आकर्षण
जुगलबंदी: नंदलाल, लोकेश और राकेश माथुर की गायकी ने फाल्गुनी परंपराओं को जीवंत कर दिया। पुष्प वर्षा: भजनों की मस्ती के बीच भक्तों ने एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा कर भव्य ‘फूलों की होली’ खेली। विशेष श्रृंगार: भुवनेश माथुर के अनुसार, जीवन माता रानी और राधा-कृष्ण का मनमोहक फाल्गुनी श्रृंगार किया गया और अंत में महाआरती के साथ क्षेत्र की खुशहाली की कामना की गई। इस धार्मिक व सांस्कृतिक संगम में बड़ी संख्या में कायस्थ समाज के स्थानीय श्रद्धालु और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस भव्य आयोजन की सराहना की।





