Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 7:06 pm

Thursday, July 9, 2026, 7:06 pm

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

अखिल भारतीय ‘शब्द निष्ठा पुरस्कार-13’ की घोषणा: लघुकथा प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित, ₹50,000 की पुरस्कार राशि

शिव वर्मा. अजमेर

साहित्यिक जगत में प्रतिष्ठित पहचान बना चुका आचार्य रत्न लाल पालरिया ‘विद्यानुग’ स्मृति अखिल भारतीय स्तर का ‘शब्द निष्ठा पुरस्कार-13’ इस वर्ष लघुकथा विधा को समर्पित रहेगा। प्रतियोगिता के लिए देशभर से प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई हैं। इस बार भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए किसी प्रकार का प्रवेश शुल्क नहीं रखा गया है, जिससे अधिक से अधिक रचनाकार इसमें भाग ले सकें।

प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. अखिलेश पालरिया (सेवानिवृत्त प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी), जो स्वयं साहित्यकार और समीक्षक के रूप में सक्रिय हैं, ने बताया कि शब्द निष्ठा पुरस्कार का उद्देश्य साहित्य की शुचिता, मौलिकता और सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देना है। यह प्रतियोगिता साहित्य के माध्यम से सकारात्मक चिंतन और सृजनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करती है।

लघुकथा विधा को समर्पित प्रतियोगिता

इस वर्ष की प्रतियोगिता विशेष रूप से लघुकथा विधा पर केंद्रित रहेगी। लघुकथा आज के समय की एक सशक्त और प्रभावी विधा मानी जाती है, जो कम शब्दों में गहरी संवेदना और सटीक संदेश देने की क्षमता रखती है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को अधिकतम 500 शब्दों के भीतर अपनी लघुकथा प्रस्तुत करनी होगी।

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि लघुकथा का विषय स्वतंत्र रहेगा, अर्थात लेखक अपनी पसंद के किसी भी विषय पर रचना भेज सकते हैं। हालांकि, यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी प्रकार की अश्लीलता, विवादास्पद सामग्री या सामाजिक सौहार्द को आहत करने वाले तत्व पाए जाने पर रचना तत्काल निरस्त कर दी जाएगी।

आयु और लिंग की कोई सीमा नहीं

प्रतियोगिता की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें भाग लेने के लिए आयु या लिंग का कोई बंधन नहीं है। विद्यार्थी, युवा, वरिष्ठ साहित्यकार—सभी इसमें समान रूप से भाग ले सकते हैं। यहां तक कि पूर्व विजेता भी इस बार पुनः अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। यह खुलापन प्रतियोगिता को वास्तव में ‘अखिल भारतीय’ स्वरूप प्रदान करता है, जहां अनुभव और नवीनता दोनों को समान अवसर मिलता है।

₹50,000 की आकर्षक पुरस्कार राशि

प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹50,000 निर्धारित की गई है। विजेताओं को निम्नानुसार सम्मानित किया जाएगा—

  • प्रथम पुरस्कार: ₹11,000

  • द्वितीय पुरस्कार: ₹5,000

  • तृतीय पुरस्कार: ₹3,000

  • अन्य 31 श्रेष्ठ प्रतिभागी: प्रत्येक को ₹1,000

इस प्रकार कुल 34 प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। आयोजकों ने बताया कि सभी विजेताओं को पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन प्रेषित की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रशस्ति पत्र भी वाट्सएप के माध्यम से भेजे जाएंगे।

प्रविष्टि भेजने की प्रक्रिया

प्रतिभागियों को केवल एक लघुकथा भेजनी होगी, जो टाइप्ड (टेक्स्ट) स्वरूप में हो। यह रचना केवल व्हाट्सएप के माध्यम से 9610540526 पर भेजी जा सकेगी। महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि लघुकथा पर प्रतिभागी का नाम या कोई भी पहचान अंकित नहीं होनी चाहिए। प्रतिभागी को अलग से अपने नाम, पते, मोबाइल नंबर सहित लघुकथा के शीर्षक का उल्लेख करना होगा। इसके साथ ही एक अलग संदेश में यह प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा कि भेजी गई रचना पूर्णतः मौलिक, अप्रकाशित एवं अप्रसारित है। साथ में लेखक का संक्षिप्त परिचय भी संलग्न करना होगा।

मौलिकता अनिवार्य, नियमों का पालन आवश्यक

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता में मौलिकता सर्वोपरि है। यदि किसी रचना के पूर्व प्रकाशित या प्रसारित होने का प्रमाण मिलता है, तो पुरस्कार राशि देय नहीं होगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि लघुकथा को भेजने से पहले प्रतिभागी यह सुनिश्चित कर लें कि वह लघुकथा की विधागत नियमावली का पालन कर रही है। चूंकि लघुकथा कहानी या लघु कहानी से अलग एक विशिष्ट विधा है, अतः उसकी संरचना, कथ्य और प्रभाव में संक्षिप्तता एवं तीक्ष्णता आवश्यक है। नियमों की अवहेलना होने पर रचना प्रारंभिक चरण में ही निरस्त कर दी जाएगी। वर्तनी और भाषा की शुद्धता पर भी विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है। अनुस्वार अथवा वर्तनी संबंधी त्रुटियां पाए जाने पर अंकों में कटौती संभव है।

निष्पक्ष मूल्यांकन और परिणाम घोषणा

प्रतियोगिता की प्रत्येक प्रविष्टि का निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि परिणाम पर प्रश्नचिह्न लगाने को अनुशासनहीनता माना जाएगा और भविष्य में प्रतियोगिता में भाग लेने से वंचित किया जा सकता है। प्रतियोगिता का परिणाम 1 जनवरी, 2027 को घोषित किया जाएगा। परिणाम की घोषणा के साथ ही विजेताओं की लघुकथाएँ ‘शब्द निष्ठा’ पटल पर भी प्रकाशित की जाएंगी, जिससे पाठकों को उत्कृष्ट रचनाओं का आस्वादन मिल सके।

अंतिम तिथि दीपावली तक

प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि दीपावली, 8 नवम्बर 2026 निर्धारित की गई है। आयोजकों ने साहित्यकारों से समय रहते अपनी रचना भेजने का आग्रह किया है ताकि अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके।

साहित्यिक उद्देश्य और प्रेरणा

‘शब्द निष्ठा पुरस्कार’ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि साहित्यिक मूल्यों को सहेजने और सृजनशीलता को मंच देने का प्रयास है। आचार्य रत्न लाल पालरिया ‘विद्यानुग’ की स्मृति में आयोजित यह पुरस्कार साहित्य के प्रति समर्पण और निष्ठा का प्रतीक है। डॉ. अखिलेश पालरिया ने बताया कि प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य समाज में सकारात्मक चिंतन, नैतिक मूल्यों और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना है। लघुकथा जैसी प्रभावशाली विधा के माध्यम से समसामयिक मुद्दों, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।

संपर्क विवरण

निवेदक:
डाॅ. अखिलेश पालरिया
(सेवानिवृत्त प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी)
संयोजक, शब्द निष्ठा पुरस्कार
एवं साहित्यकार/समीक्षक

पता:
कला रत्न भवन,
पाल बिचला,
भरोसा अगरबत्ती ऑफिस के पास,
अजमेर (राज.) 305007

मोबाइल: 9610540526

अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित ‘शब्द निष्ठा पुरस्कार-13’ निश्चित ही देशभर के साहित्यकारों के लिए अपनी रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर है। लघुकथा प्रेमियों और रचनाकारों से अपेक्षा की जा रही है कि वे नियमों का पालन करते हुए अपनी श्रेष्ठ रचनाएं भेजें और इस साहित्यिक उत्सव का हिस्सा बनें।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor