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Thursday, July 9, 2026, 2:52 am

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10 दिवसीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिविर 21 मार्च से, रोग निवारण और शरीर शुद्धि पर रहेगा फोकस

यह शिविर लाल पुलिया, चौपासनी रोड स्थित स्वास्थ्य साधना केंद्र परिसर में आयोजित होगा। शिविर का उद्देश्य लोगों को दवाओं पर निर्भरता कम करके प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

शहर में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने और लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से निरोग जीवन की राह दिखाने के उद्देश्य से 21 मार्च से 30 मार्च 2026 तक 10 दिवसीय विशेष रहवासी शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर स्वास्थ्य साधना केंद्र द्वारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें योग, प्राकृतिक चिकित्सा और शरीर शुद्धि से जुड़े विभिन्न उपचार पर जोर दिया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार यह शिविर लाल पुलिया, चौपासनी रोड स्थित स्वास्थ्य साधना केंद्र परिसर में आयोजित होगा। शिविर का उद्देश्य लोगों को दवाओं पर निर्भरता कम करके प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। पिछले वर्षों में भी इस तरह के शिविरों को काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जिसके चलते इस वर्ष भी बड़े स्तर पर इसका आयोजन किया जा रहा है।

योग और प्राकृतिक चिकित्सा से होगा स्वास्थ्य सुधार

शिविर में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को योगासन, प्राणायाम, ध्यान, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म जैसी विधियों के माध्यम से शरीर को शुद्ध और संतुलित रखने के तरीके सिखाए जाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोगों को अनेक प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में योग और प्राकृतिक चिकित्सा एक प्रभावी विकल्प के रूप में सामने आ रहे हैं। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय बताए जाएंगे। साथ ही उन्हें स्वस्थ आहार, दिनचर्या और मानसिक संतुलन बनाए रखने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। विशेषज्ञों की टीम प्रतिभागियों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार मार्गदर्शन भी देगी।

10 दिनों तक मिलेगा समग्र स्वास्थ्य उपचार 

आयोजकों ने बताया कि यह शिविर पूरी तरह रहवासी (Residential) होगा, जिसमें प्रतिभागियों को 10 दिनों तक केंद्र में रहकर उपचार लेना होगा। इस दौरान सुबह से शाम तक योग, ध्यान, स्वास्थ्य व्याख्यान और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रतिभागियों को सुबह योग और प्राणायाम सत्र, दिन में प्राकृतिक चिकित्सा उपचार, और शाम को ध्यान एवं स्वास्थ्य संबंधी विशेष व्याख्यानों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। शिविर के दौरान विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे प्रतिभागी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

विभिन्न श्रेणियों में निर्धारित किया गया शुल्क

शिविर में भाग लेने के लिए अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार शुल्क निर्धारित किया गया है ताकि लोग अपनी सुविधा के अनुसार व्यवस्था चुन सकें।

जनरल वार्ड – 8000 रुपये
कॉटेज वार्ड – 13000 रुपये
एसी कॉटेज वार्ड – 20000 रुपये
डीलक्स वार्ड – 26000 रुपये

इसके अलावा प्रत्येक प्रतिभागी के लिए 100 रुपये का पंजीयन शुल्क भी निर्धारित किया गया है। आयोजकों का कहना है कि शिविर शुल्क में रहने, प्राकृतिक चिकित्सा उपचार और योग प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

सीमित सीटें, पहले पंजीयन करवाने की अपील

शिविर में सीमित सीटें होने के कारण आयोजकों ने इच्छुक लोगों से समय रहते पंजीयन करवाने की अपील की है। उनका कहना है कि हर वर्ष इस प्रकार के शिविरों में बड़ी संख्या में लोग भाग लेने के लिए उत्सुक रहते हैं, इसलिए पहले पंजीयन कराने वालों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। शिविर में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति फोन के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपना पंजीयन करवा सकते हैं।

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल

स्वास्थ्य साधना केंद्र द्वारा आयोजित यह शिविर केवल उपचार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग नियमित योग, संतुलित आहार और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाएं तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है। शिविर में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को यह भी सिखाया जाएगा कि किस प्रकार दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान रहा जा सकता है।

पंजीयन और संपर्क

शिविर में भाग लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति निम्न संपर्क सूत्रों पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं –
7742111223
0291-2750474

आयोजकों ने कहा कि यह शिविर उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा जो प्राकृतिक तरीके से स्वास्थ्य सुधारना चाहते हैं और दवाइयों के बिना जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से निरोग रहना चाहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे शिविर न केवल शरीर को स्वस्थ बनाते हैं बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करते हैं, जिससे व्यक्ति अपने जीवन में बेहतर संतुलन स्थापित कर सकता है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor