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Thursday, April 30, 2026, 10:48 am

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साइटसेवर्स इंडिया और एबवी इंडिया ने जयपुर में ग्लूकोमा को लेकर जागरूकता अभियान को दिया बढ़ावा

यह परामर्श बैठक हिल्टन जयपुर, गीजगढ़ हाउस में हुई, जिसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ (ओफ्थल्मोलॉजिस्ट्स), पॉलिसीमेकर्स, पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल्स और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने मिलकर क्षेत्र में ग्लूकोमा की स्थिति का आकलन किया और जागरूकता बढ़ाने व समय पर पहचान के लिए आगे की योजना पर चर्चा की।

राखी पुरोहित. जयपुर

साइटसेवर्स इंडिया ने एबवी थेराप्यूटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर आज राजस्थान के जयपुर में एक राज्य-स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की। उक्त बैठक ग्लूकोमा से होने वाली दृष्टिहीनता को कम करने के लिए कंपनी की देशव्यापी मुहिम को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रही। यह पहल कई शहरों में चल रही उसी मुहिम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना, समय पर जाँच को बढ़ावा देना और दृष्टिहीनता के एक बड़े कारण को रोकने की दिशा में कदम उठाना है।

यह परामर्श बैठक हिल्टन जयपुर, गीजगढ़ हाउस में हुई, जिसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ (ओफ्थल्मोलॉजिस्ट्स), पॉलिसीमेकर्स, पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल्स और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने मिलकर क्षेत्र में ग्लूकोमा की स्थिति का आकलन किया और जागरूकता बढ़ाने व समय पर पहचान के लिए आगे की योजना पर चर्चा की।

विगत वर्ष नई दिल्ली में पाँच राज्य-स्तरीय और एक राष्ट्रीय स्तर की परामर्श बैठक आयोजित की गई थी। वर्ष 2026 की यह मुहिम उसी नींव पर आगे बढ़ रही है। इन बैठकों के बाद देशभर में ग्लूकोमा की रोकथाम को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। जयपुर की यह बैठक इसी प्रयास को और आगे बढ़ाती है, जहाँ स्थानीय विशेषज्ञों, संबंधित पक्षों और सरकार को एक साथ आने का मौका मिला, ताकि जानकारी साझा की जा सके, कमियों को पहचाना जा सके और राजस्थान में आँखों की देखभाल को लेकर प्रतिबद्धता को और मजबूत किया जा सके।

इस परामर्श बैठक में ग्लूकोमा के जोखिम कारकों, समय पर पहचान की अहमियत और नियमित आँखों की जाँच की जरूरत पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम स्थल पर पोर्टेबल डायग्नोस्टिक टूल्स से लैस ग्लूकोमा जाँच काउंटर्स भी लगाए गए, जहाँ प्रतिभागियों को सीधे जाँच की सुविधा दी गई। जिन लोगों में संभावित जोखिम के संकेत पाए गए, उन्हें आगे की क्लिनिकल जाँच और उपचार के लिए डॉक्टरों से संपर्क करने की सलाह दी गई।

इस परामर्श बैठक की शुरुआत साइटसेवर्स इंडिया के डायरेक्टर- प्रोग्राम ऑपरेशंस जतिन तिवारी के स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद एबवी थेराप्यूटिक्स इंडिया प्रा. लि. के डायरेक्टर, मेडिकल अफेयर्स डॉ. राहुल राठौड़ ने अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम का उद्घाटन संबोधन एसएमएस अस्पताल के ओफ्थल्मोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. नागेंद्र सिंह शेखावत ने दिया।
साइटसेवर्स इंडिया के सीईओ आरएन मोहंती ने क्षेत्रीय स्तर पर ऐसे प्रयासों को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ;हर बैठक के साथ हम एक कदम और आगे बढ़ते हैं, ताकि लोग ग्लूकोमा के लक्षणों को पहचानें और समय पर आँखों की जाँच कराएँ। ग्लूकोमा से निपटने के लिए सिर्फ जागरूकता काफी नहीं है, बल्कि ऐसे मजबूत सिस्टम की जरूरत है, जो समय पर पहचान और सही इलाज सुनिश्चित कर सके। एबवी थेराप्यूटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर की गई यह पहल हमें स्थानीय विशेषज्ञों और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करने का मौका देती है और समय रहते रोकथाम पर ध्यान बढ़ाती है। ऐसे प्रयास अलग-अलग अनुभवों को एक साथ लाते हैं और समय पर बीमारी की पहचान करने में मदद करते हैं।
एबवी थेराप्यूटिक्स इंडिया प्रा. लि. के डायरेक्टर- मेडिकल अफेयर्स डॉ. राहुल राठौड़ ने कहा, ग्लूकोमा का इलाज सिर्फ पहचान तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक इसकी मॉनिटरिंग और इलाज को नियमित रूप से जारी रखना भी जरूरी है। साइटसेवर्स इंडिया के साथ मिलकर हम ऐसे प्रयास कर रहे हैं, जो इलाज से जुड़ी जानकारी को अधिकांश लोगों तक पहुँचाते हैं और इसे आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ी बातों में शामिल करते हैं। ऐसे मंच लोगों को लगातार देखभाल और सही फैसले लेने की अहमियत समझाने में मदद करते हैं, जिससे ग्लूकोमा को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।

कार्यक्रम में प्रमुख डॉक्टर्स और पब्लिक हेल्थ से जुड़े विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। मुख्य सम्बोधन अलख नयन मंदिर आई हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. लक्ष्मण सिंह झाला ने दिया। इसके बाद एक पैनल चर्चा हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने खुलकर हिस्सा लिया, जरूरी सवाल उठाए और पैनलिस्ट्स के साथ अपने विचार साझा किए। इस चर्चा में एसएमएस अस्पताल के ओफ्थल्मोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. नागेंद्र सिंह शेखावत, एएसजी आई हॉस्पिटल, जयपुर की ग्लूकोमा विशेषज्ञ डॉ. दर्शना डागा, एसआरकेपीएस के सेक्रेटरी और फाउंडिंग मेंबर श्री राजन चौधरी (डेवलपमेंट प्रोफेशनल) और वरिष्ठ पत्रकार पी. श्रीनिवासन शामिल रहे।

इस चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि ग्लूकोमा की जाँच को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा बनाया जाए, नेत्र रोग विशेषज्ञों की क्षमता को और मजबूत किया जाए और मरीजों को बेहतर काउंसलिंग दी जाए, ताकि वे लंबे समय तक इलाज को सही तरीके से जारी रख सकें।

इस परामर्श बैठक में कुल 99 लोगों ने भाग लिया, जिनमें से लगभग 45 लोगों की मौके पर ही ग्लूकोमा जाँच की गई। पोर्टेबल डायग्नोस्टिक टूल्स की मदद से की गई इस जाँच में ऐसे लोगों की बीमारी की समय पर पहचान हो सकी, जिनमें जोखिम के संकेत थे और उन्हें आगे की जाँच के लिए भेजा गया। इस साझेदारी के जरिए साइटसेवर्स इंडिया और एबवी थेराप्यूटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड लगातार काम कर रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की समय पर जाँच हो, सही समय पर बीमारी का पता चल सके और वे अपनी दृष्टि को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकें।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor